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किलिंग मशीन के नाम से मशहूर डायनासोर मिला ब्राजील में, शोधकर्ताओं ने किया ये बड़ा खुलासा

जबड़ा सबसे ताकतवर है इसका बाकी डायनासोर के मुकाबले काफी खतरनाक
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नई दिल्ली

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Prakash Chand Joshi

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Updated: 16 Nov 2019, 12:17 PM IST

Dinosaur

नई दिल्ली: दुनिया में वैसे तो कई ऐसे जीव-जंतु हैं, जो बेहद खतरनाक हैं। उनके नाम मात्र से इंसान डर जाता है, लेकिन नाम जब दुनिया के सबसे पुराने आदमखोर डायनासोर ( Dinosaur ) का आता है तो ये डर कई गुना बढ़ जाता है। डायनासोर ऐसा जानवर है, जिसकी कल्पना मात्र से ही रूह कांप जाती है। विज्ञान की भाषा में इस डायनोसोर को ग्नाथोवोरैक्स कैब्रिरे कहते हैं।

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वहीं ब्राजील के दक्षिणी प्रांत में कुछ शोधकर्ताओं को इस अनूठे डायनासोर का जीवाश्म मिला है। अब तक के इतिहास में ये पहली बार है कि जब ग्नाथोवोरैक्स कैब्रिरे को शोधकर्ताओं ने खोज निकाला। माना जाता है कि ये नरभक्षी डायनासोर पृथ्वी पर उस वक़्त पाया जाता था जब पृथ्वी के सारे महादेश अलग भी नहीं हुए थे। ब्राजील उस वक्त पैंजिया का ही हिस्सा हुआ करता था। पैंजिया के दौर में पृथ्वी पर पानी एक तरफ था और जमीन एक तरफ यानि उत्तर और दक्षिण अमेरिका की धरती उस वक्त बंटी भी नहीं थी। ब्राज़ील में इस डायनासोर की मौजूदगी 23 करोड़ साल पहले थी। इतिहासकारों और वैज्ञानिकों के लिए इस डायनासोर के जीवाश्म का मिलना बहुत बड़ी सफलता मानी जा रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस डायनासोर का जबड़ा सबसे मजबूत और बेहद खतरनाक था। बताया गया है कि अपने दांत और जबड़ों की ताक़त की बदौलत ये 'किलिंग मशीन' का रूप अख़्तियार कर लेता था। 23 करोड़ साल पुराना ये जीवाश्म पूरी तरह सुरक्षित है और हैरत की बात ये है कि डायनासोर की पूरी बॉडी बरामद हुई है। ग्नाथोवोरैक्स कैब्रिरे की लंबाई 10 फीट होती थी और वजन लगभग आधा टन होता था। ये उस समय के किसी भी डायनासोर से ज्यादा बड़ा और वजनी था। वैज्ञानिकों ने और जानकारी इकट्ठा करने के उद्देश से इस डायनासोर के दिमाग का सीटी स्कैन किया है। इससे पता चला कि इसकी नजर बेहद तेज थी। शोध पत्र के मुताबिक अब तक इस समूह के किसी भी डायनासोर के न्यूरोएनोटॉमी का इतिहास में कभी भी परीक्षण नहीं हुआ था। ये पहली मर्तबा है जब वैज्ञानिको ने इसके सॉफ्ट टिश्यूज़ को वापस तैयार किया।