1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

हेड ट्रांसप्लांट से मरा हुआ शख्स भी हो सकता है जिंदा, ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने किया दावा

Head Transplant : रोबोटिक्स और नर्व सर्जरी की एडवांस टेक्नोलॉजी की मदद से हेड ट्रांसप्लांट किया जा सकता है अमेरिका ने नैतिक कारणों से इस रिसर्च को लागू करने की नहीं दी अनुमति
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Soma Roy

•

Updated: 23 Dec 2019, 1:54 PM IST

Head Transplant

Head Transplant

नई दिल्ली। जन्म और मृत्यु पर किसी का जोर नहीं है। क्योंकि ये भगवान के हाथ में होती है। मगर कुदरत के इस करिश्मे को ब्रिटेन के वैज्ञानिक (Britain Scientist) चैलेंज कर रहे हैं। दरअसल वहां के वैज्ञानिकों ने दावा किया कि हेड ट्रांसप्लांट (Head TRansplant) के जरिए मृत व्यक्ति को जिंदा किया जा सकता है। इसके अलावा जिनके हाथ-पैर कट गए हैं उन्हें भी इससे फायदा हो सकता है।

डिलीवरी में बच्चे का सिर कटकर हुआ अलग, धड़ मां के शरीर में रहा मौजूद

ब्रिटेन (Britain) के एक पूर्व न्यूरोसर्जन और रोबोटिक्स एक्सपर्ट ने इस बारे में बात की। ब्रिटेन की हल यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल्स के पूर्व क्लिनिकल प्रमुख डॉ. ब्रूस मैथ्यू ने दावा किया है कि अगले 10 सालों में हेड ट्रांसप्लांट (Head Transplant) संभव होगा। इसमें रोबोटिक्स, स्टेम सेल ट्रांसप्लांट्स और नर्व सर्जरी की एडवांस टेक्नोलॉजी मदद करेगी। हालांकि, यूरोप और अमेरिका में हेड ट्रांसप्लांट के रिसर्च को नैतिक कारणों से इसे लागू करने से मना कर रहे हैं। मगर चीन ने इसके लिए अनुमति दे दी है।

मालूम हो कि साल 2017 में जिआओपिंग रेन नाम के चीनी साइंटिस्ट (scientist) ने दावा किया था कि उन्होंने एक सफल हेड ट्रांसप्लांट किया है। उन्होंने एक मृत व्यक्ति के सिर को दूसरे मृत व्यक्ति की बॉडी पर ट्रांसप्लांट किया था। चीन के हार्बिन मेडिकल यूनिवर्सिटी में की गई सर्जरी में 18 घंटे लगे थे। सर्जरी के बाद स्पाइन,नर्व्स और ब्लड वेसल्स को दोबारा जोड़ा गया था।