5 नवंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

NASA वैज्ञानिक मंगल के कृत्रिम वातावरण से बाहर आए

अमरीका के हवाई में कृत्रिम रूप से तैयार किए मंगल ग्रह के वातावरण में रहकर मानव मिशन के लिए तैयार हो रहे NASA के छह वैज्ञानिक वहां से वापस लौट आए हैं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Jameel Ahmed Khan

•

Updated: 17 Sep 2017, 10:04 PM IST

NASA

NASA

न्यूयार्क। अमरीका के हवाई में कृत्रिम रूप से तैयार किए मंगल ग्रह के वातावरण में रहकर मानव मिशन के लिए तैयार हो रहे नासा के छह वैज्ञानिक रविवार को वहां से वापस लौट आए हैं। नासा के छह वैज्ञानिक विशालकाय ज्वालामुखी मौनालोआ के पास एक बड़े मैदानी इलाके में जनवरी से रहकर मानव अंतरिक्ष मिशनों के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों के मनोविज्ञान, आवश्यकताओं और उनके समक्ष आने वाली समस्याओं से निपटने का प्रशिक्षण ले रहे हैं। इस दल में चार पुरुष व दो महिलाएं शामिल हैं।

कठिन वातावरण और मानव मिशन पर लंबे समय तक रहने के दौरान अंतरिक्ष यात्री शारीरिक, मानसिक और सबसे अधिक जरूरी मनोवैज्ञानिक तौर पर कैसे प्रतिक्रिया दें, इस पर बेहतर समझ हासिल करने के लिए वह आठ महीने तक इसी तरह के वातावरण में रहेंगे।

मनोआ स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ हवाई के नेतृत्व वाली इस परियोजना हवाई स्पेस एक्सप्लोरेशन एनालॉग एंड सिमुलेशन (एचआई-एसईएएस) की विशेषज्ञ लौरा लार्क के हवाले से एक रिपोर्ट में बताया गया है कि, लंबे समय की अंतरिक्ष यात्रा बिलकुल संभव है।

उन्होंने कहा, इसके लिए हमें निश्चित रूप से तकनीकी चुनौतियां दूर करनी होंगी। मिशन के दौरान कई मानवीय समस्याएं आ सकती हैं जिनका पता लगाया जाना है, और यही एचआई-एसईएएस कर रहा है। लेकिन मुझे लगता है कि उन चुनौतियों पर काबू पाने के लिए केवल एक प्रयास की जरूरत है। हम इसमें बिल्कुल सक्षम हैं। ऐसी उम्मीद की जा रही मंगल पर 2030 तक मानव आबादी बसने लगेगी।

नासा की बेवसाइट पर 9 करोड़ लोगों ने देखा सूर्यग्रहण
वॉशिंगटन। नासा के अधिकारियों ने दावा किया है कि साल के सबसे बड़े सूर्य ग्रहण को नासा की बेवसाइट पर 9 करोड़ लोगों ने ऑनलाइन देखा है। अमरीकी स्पेस एजेंसी के मुताबिक, 21 अगस्त को साल का सबसे बड़ा सूर्यग्रहण पड़ा, जिसके लिए नासा ने ऑनलाइन सूर्यग्रहण देखने की सुविधा नासा की बेवसाइट पर दी थी।

माना जा रहा है कि इंटरनेट की दुनिया में ऑनलाइन सूर्यग्रहण जैसा कोई इवेंट पहले नहीं हुआ है, जहां इतने सारे लोग एक मौके पर एकजुट हुए हों। नासा के मुताबिक, 4 करोड़ लोगों ने नासा की ब्रॉडकास्टिंग बेवसाइट पर सूर्यग्रहण देखा है, साथ ही अन्य प्लेटफार्म पर भी। फेसबुक पर 2.70 करोड़ लोगों ने सूर्यग्रहण से पहले और बाद में लाइव देखा है। साथ ही 1.21 करोड़ लोग नासा की बेवसाइट पर दर्ज किए गए। अमरीका में अगला सूर्यग्रहण वर्ष 2024 में पड़ेगा।