अब सिर पर फिर से उग सकेंगे बाल, वैज्ञानिकों ने नए शोध में किया दावा

अब सिर पर फिर से उग सकेंगे बाल, वैज्ञानिकों ने नए शोध में किया दावा

Deepika Sharma | Publish: Jun, 29 2019 02:13:07 PM (IST) | Updated: Jun, 29 2019 04:46:17 PM (IST) विज्ञान और तकनीक

Scientists Discover: चूहों पर सफल रहा बाल उगाने का प्रयोग

स्टेम सेल के उपयोग से उगाए गए बाल

वैज्ञानिकों को इंसान के सिर पर बाल उगाने की उम्मीद जगी

नई दिल्ली। लोग अपने गंजेपन को लेकर काफी परेशान रहते हैं। इसे ठीक करने के लिए कई तरह की दवाओं, तेल, थैरेपी, हेयर इंप्‍लांट आदि का सहारा लेते हैं। इस परेशानी को दूर करने के लिए वैज्ञानिकों ने अपनी एक रिसर्च में सफलता हासिल की है। फिलहाल चूहों पर इसका सफल एक्सपेरिमेंट किया गया है। इसके लिए वै‍ज्ञानिकों ने मानव शरीर के स्‍टेम सेल का इस्‍तेमाल किया है। प्रयोग के दौरान चूहों के शरीर पर जहां बाल नहीं थे, उस जगह पर बाल उगाए गए।

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वैज्ञानिकों ने अपने इस experiment प्रयोग से मिली सफलता को मीडिया के साथ शेयर किया। सेनफॉर्ड बर्नहेम प्रेबिज मेडिकल डिस्‍कवरी इंस्टिट्यूट के वैज्ञानिकों ने human body मानव शरीर की skin स्किन के जरिए हेयर फॉलिसेल्‍स को क्रिएट किया। जब यह प्रयोग चूहों पर सफल रहा, तो वैज्ञानिकों को इस tecnology तकनीक से इंसान के सिर पर बाल उगाने की उम्मीद जगी।

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इस तरह से किया प्रयोग
वैज्ञानिकों ने अपने प्रयोग में दो चूहों को लिया। इनमें से एक के बाल थे, एक के बाल नहीं थे। करीब 3 सप्‍ताह बाद इन चूहों में परिणाम साफ दिखने लगे। वैज्ञानिक scientist डॉक्‍टर Doctor क्रिस्‍टियानो के अनुसार- यह दवा ग्रोविंग प्रॉसेस को बढ़ाने में कारगर साबित हुई। तीन सप्‍ताह बाद देखा गया कि चूहे के शरीर पर बाल पूरी तरह से उग आए। उसके बाद वैज्ञानिकों ने अपने इस सफल प्रयोग को इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर स्‍टेम सेल रिसर्च (ISSCR) कांफ्रेंस में शेयर किया।

 

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पहले भी हो चुके हैं ऐसे प्रयोग
गंजेपन को दूर करने के लिए पूरी दुनिया में शोध किए जा रहे हैं। इससे पहले 2015 में भी इसी तरह का एक शोध किया गया था। इसमें कोलंबिया यूनिवर्सिटी के मेडिकल सेंटर के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी दवा खोजने का दावा किया था, जिससे सिर पर बालों को दोबारा उगाया जा सकता है। कोलंबिया यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंस के डॉक्‍टर क्रिस्‍टियानो के मुताबिक इस प्रयोग में भी चूहों का ही इस्‍तेमाल किया गया था। उनका कहना था कि यह प्रयोग इंसानों पर भी सफल हो सकता है।

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