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सूर्य से भी ज्यादा तेज धधकता नजर आया लाल तारा, वैज्ञानिकों ने कहा superflares

Superflares From Red Dwarf Star : एडी लियोनिस (AD Leonis) नामक एक लाल ड्वार्फ तारे से लपटें निकलती हुई दिखती हैं ये तारा हमारी पृथ्वी से 12 प्रकाशवर्ष दूर स्थित है
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Soma Roy

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Updated: 13 Jul 2020, 3:21 PM IST

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Super flares From Red Dwarf Star

नई दिल्ली। वैसे तो सूर्य को गर्म ग्रह माना जाता है। उससे निकलने वाली लपटों के चलते उसके नजदीक जाना नामुमकिन है। सूरज से बड़ी मात्रा में मेग्नेटिक तरंगें (Magnetic waves) भी निकलती हैं। मगर वैज्ञानिकों ने एक छोटे तारे को अचानक आग का गोला बनते देखा। जिसमें से सूर्य से भी ज्यादा भयंकर आग की लपटें निकलती हुईं दिखाई दी। वैज्ञानिकों ने इसे सुपरफ्लेयर (Superflare) नाम दिया है। ये हमारी पृथ्वी से 12 प्रकाशवर्ष दूर स्थित है।

वैज्ञानिकों ने बताया कि उन्हें अंतरिक्ष में एडी लियोनिस (AD Leonis) नामक एक लाल ड्वार्फ तारा दिखाई दिया है। जिससे 12 तारे की ज्वाला (Stellar Flare) एक साथ निकलती हुई देखी गई। इनमें से एक ज्वाला तो सूर्य से निकाली जा रही ज्वालाओं से 20 गुना ज्यादा बड़ी थी। वैज्ञानिकों के लिए ये एक हैरान करने वाली घटना है। उनका कहना है कि ये ज्वाला वैसी है जैसे सौर ज्वाला (Solar Flare or Stellar Flare) में तारों की सतह पर विस्फोट होते हैं। क्योटो यूनिवर्सिटी के ग्रैजुएट स्कूल ऑफ साइंस और नेशनल एस्ट्रोनॉमिकल ऑबजर्वेटरी के वैज्ञानिकों ने इसका विश्लेषण किया।

डेली साइंस के मुताबिक इस घटना को बारीकी से समझने के लिए उन्होंने क्योटोन यूनिवर्सिटी के 3.8 सेइमेइ टेलीस्कोप का उपयोग किया जो केयोटो के पश्चिम में स्थित एक पहाड़ी के ऊपर है। पब्लिकेशन्स ऑफ द एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी ऑफ जापान में प्रकाशित एक शोधपत्र के लेखक कोसुके नामेकाता का कहना है कि बहुत कम मौकों पर इस तरह की विशाल ज्वाला बनती हैं। इससे बहुत विशाल मैग्नेटिक तूफान पैदा होते हैं। यदि इस तरह के मैग्नेटिक तूफान हमारे सूर्य से निकलें तो यह हमारी पृथ्वी के तकनीकी संरचना प्रभावित हो सकती है।

खगोलविदों के अनुसार लाल तारे से निकलने वाले इस सुपरफ्लेयर में से उत्तेजित हाइड्रोजन परमाणु से प्रकाश निकला है। इसमें बहुत ही उर्जावान इलेक्ट्रोन थे जो हमारे सूर्य से निकलने वाली ज्वालाओं के अधिक ऊर्जावान थे। टीम ने पाया कि वास्तव में ये ज्वाला उत्तेजित हाइड्रोजन परमाणुओं से निकले प्रकाश ही हैं. लेकिन स्पैक्ट्रम में इनकी चमक ज्यादा नहीं दिखाई दी।