1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

वैज्ञानिकों ने झींगुर के पीठ पर लागाया Camera, फोटो के साथ बना सकता है Video

वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा कैमरा (Camera) बनाने में सफलता हासिल की है जो झींगुर (Beetles) जैसे कीड़ों की पीठ पर लगाया जा सकता है। वैज्ञानिकों ने एक झींगुर (Beetles) की पीठ पर कैमरा ( developed tiny camera) लगा भी दिया है।  
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Vivhav Shukla

•

Updated: 19 Jul 2020, 11:15 PM IST

Scientists strapped camera rigs to beetles, and it actually works

Scientists strapped camera rigs to beetles, and it actually works

नई दिल्ली। वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा कैमरा (Camera) बनाने में सफलता हासिल की है जो झींगुर (Beetles) जैसे कीड़ों की पीठ पर लगाया जा सकता है। वैज्ञानिकों ने एक झींगुर (Beetles) की पीठ पर कैमरा ( developed tiny camera) लगा भी दिया है।

Gujarat के अस्पताल में Robot दे रहा है Corona मरीजों को दवा और भोजन, देखें Photos

माना जा रहा है कि इसकी मदद से छोटे जीवों के अध्यन में आसानी होगी। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस कैमरे को किसी भी कीट पतंगों की पीठ पर बैकपैक की तरह लगाया जा सकता है। शोधकर्ताओं ने कैमरे की क्षमता और कारगता के साथ इस बात का भी पीरक्षण किया कि क्या इस कैमरे को झींगुर जैसे छोटे कीड़े ‘पहन’ सकते हैं। इस शोध का नतीजा यह हुआ कि एक छोटा सा कैमरा जो तस्वीरों लेने के साथ ही वीडियो बनाने में सक्षम है, इसकी खास बात यह है कि यह मोबाइल फोन में सीधे तस्वीरें भेज सकता है।

साइंस रोबोटिक्स जर्नल में प्रकाशित शोध में इस कैमरे के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है। जिसमे बताया गया है कि इस कैमरे में बहुत ही छोटा लेंस है जो एक मैकेनिकल भुजा पर सेट है। इसका 60 डिग्री का घुमाव है और विशालदर्शी कैमरे (Panoramic Camera) की श्रेणी में आता है। वजन की बात करें कैमरा बहुत ही हलका और छोटा है। रिपोर्ट के मुताबिक कैमरे की वजन 250 मिली ग्राम है और शोधकर्ताओं के मुताबिक यह एक ताश के पत्ते के वजन से भी कम है।

Delhi Rains: हर साल मॉनसून में पानी-पानी क्यों हो जाती है दिल्ली? कौन है जिम्मेदार

उन्होंने कैमरे के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि हमने कैमरे में एक छोट एक्सलरोमीटर भी लगाया है जो यह पहचान कर सकेगा कि झींगुर कब हिलता है और तभी वह तस्वीरें लेगा जब झींगुर गतिविधि करेगा। बताया जा रहा है कि बिना इसके कैमरा केवल दो ही घंटे में बैटरी खत्म कर देता, लेकिन एक्सलरोमीटर यह छह घंटे या उससे ज्यादा की भी रिकॉर्डिंग कर सकता है।
UP में Corona वॉर्ड की छत से झरने की तरह गिर रहा पानी, मरीजों में मचा हडकंप, देखें Video

बता दें कीट पतंगों (Insects) का हमारे पर्यावरण (Environment) को बचाए रखने में बड़ा योगदान होता है लेकिन हमें इनके बारे में उतनी जानकारी नहीं है। ऐसे में ये कैैमरा इस समस्या का हल बन सकता है। इसकी मदद से कई छोटे जीवों के बारे में पता लगाया जा सकता है। साथ ही इससे कई नए जीवों की खोज भी हो सकती है।