
Smallest Ultrasound Detector
नई दिल्ली। वैज्ञानिकों ने दुनिया का सबसे छोटा अल्ट्रासाउंड डिटेक्टर (Smallest Ultrasound Detector) विकसित किया है, जो अभी मौजूद किसी भी डिटेक्टर से कई गुना छोटा है। इस उपकरण को हेल्महोल्त्ज़ ज़ेंट्रम मुन्चेन और तकनीकी विश्वविद्यालय म्यूनिख (टीयूएम) के शोधकर्ताओं ने बनाया है।
बताया जा रहा है कि ये अबतक का दुनिया का सबसे छोटा अल्ट्रासाउंड डिटेक्टर है, जो पूरी तरह से एक सिलिकॉन चिप के शीर्ष पर लघु फोटोनिक सर्किट पर आधारित है। शोधकर्ताओं के मुताबिक इसका आकार औसत मानव बाल की तुलना में 100 गुना छोटा है। ये नया डिटेक्टर उन विशेषताओं की कल्पना कर सकता है जो पहले की तुलना में बहुत छोटे हैं, जो सुपर-रिज़ॉल्यूशन इमेजिंग के रूप में जाना जाता है।
1950 के दशक में मेडिकल अल्ट्रासाउंड इमेजिंग के विकास के बाद से, अल्ट्रासाउंड तरंगों की मुख्य पहचान तकनीक ने मुख्य रूप से पीज़ोइलेक्ट्रिक डिटेक्टरों का उपयोग करने पर ध्यान केंद्रित किया है, जो अल्ट्रासाउंड तरंगों के दबाव को विद्युत वोल्टेज में परिवर्तित करते हैं।
अल्ट्रासाउंड के साथ प्राप्त इमेजिंग रिज़ॉल्यूशन नियोजित पीजोइलेक्ट्रिक डिटेक्टर के आकार पर निर्भर करता है। इस आकार को कम करने से उच्च रिज़ॉल्यूशन होता है और यह छोटे या घने पैक वाले एक या दो आयामी अल्ट्रासाउंड सरणियों की पेशकश कर सकता है, जिसमें बेहतर ऊतक या सामग्री में विभेद करने की क्षमता होती है।
हालांकि, पीजोइलेक्ट्रिक डिटेक्टरों के आकार को और कम करना उनकी संवेदनशीलता को नाटकीय रूप से कम करता है, जिससे उन्हें व्यावहारिक अनुप्रयोग के लिए अनुपयोगी बना दिया जाता है। ऐसे में इस छोटे डिटेक्टर की मदद से कई चीजों का पता लगाया जा सकता है।
Published on:
21 Sep 2020, 10:52 AM IST
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