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किसानों की मांग, 55 से अधिक आयु के किसानों को दें पेंशन

एक जून से दस जून तक चलेगा किसानों का आंदोलन, आंदोलन में रखी जाएगी मांग
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सीहोर

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Sunil Sharma

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Updated: 28 May 2018, 1:36 PM IST

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किसानों की मांग, 55 से अधिक आयु के किसानों को दें पेंशन

सीहोर। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर बिगुल बजा दिया है। एक जून से दस जून तक चलने वाले आंदोलन को लेकर किसानों की गांव-गांव बैठकें आयोजित हो रही हैं। किसान संगठनों द्वारा लागत के आधार पर स्वामीनाथन आयोग की सीटू रिपोर्ट को आधार मानकर फसल का लाभकारी मूल्य देने की मांग की जा रही है। इसके साथ ही ५५ साल से अधिक आयु के किसानों को पेंशन देने की भी सरकार से मांग कर रहे हैं।
राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ द्वारा किसानों की मांगों को लेकर 1 जून से 10 जून तक किसान ग्राम बंद आंदोलन का आयोजन किया जा रहा है। किसान ग्राम आंदोलन में 130 से अधिक किसान संगठन एकजुट होकर आंदोलन में भाग लेंगे।

आंदोलन की जानकारी देते हुए जिला अध्यक्ष महेश भारी ब क्षेत्रीय प्रभारी नंदूलाल गौर ने बताया कि काफी लंबे समय से किसान संगठनों द्वारा ज्ञापन के माध्यम से केंद्र सरकार व राज्य सरकार से लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य देने स्वामीनाथन आयोग की सीटू रिपोर्ट को आधार मानकर फसल का लाभकारी मूल्य देने की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार द्वारा तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके परिणाम स्वरुप किसान दिनों-दिन कर्ज में डूबता जा रहा है और कर्ज के कारण देश का किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहा है। इसलिए संगठन द्वारा पूर्ण रुप से ऋण मुक्ति की मांग व 55 से अधिक आयु के किसानों को पेंशन दिए जाने की मांग आंदोलन के माध्यम से की जा रही है।

किसानों को निश्चित हो एक मासिक आय
संगठन के बलराम मुकाती ने बताया कि जिस प्रकार एक शासकीय कर्मचारी की एक मासिक सुनिश्चित आय होती है ठीक उसी प्रकार किसान मजदूरों की भी एक निश्चित आय होना चाहिए, क्योंकि किसान देश का अन्नदाता है और वह अपने परिवार के पालन पोषण ही नहीं देश के भंडार भरने के लिए मदद करता है।

नहीं बेचेंगे उपज और सब्जियां, नहीं आएगा खुले बाजार में दूध
1 जून से 10 जून तक होने वाले किसान ग्राम बंद आंदोलन के तहत किसान अपनी फसल व सब्जी मंडियों में नहीं बेचेंगे। साथ ही गांव से आने वाला दूध भी खुले बाजारों में नहीं बेचा जाएगा। सभी किसान शांतिपूर्ण रूप से किसान आंदोलन में भाग लेंगे। आंदोलन को लेकर संगठन के पदाधिकारियों द्वारा गांव गांव जाकर किसानों से विचार-विमर्श किया जा रहा है और आंदोलन की पृष्ठभूमि तैयार की जा रही है।

दस जून को भारत बंद का आव्हान
किसान नेताओं की माने तो आंदोलन के अंतर्गत 6 जून को मंदसौर में गत वर्ष मारे गए किसानों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। ७ से 9 जून को असहयोग दिवस और 10 जून को संगठन द्वारा शांतिपूर्ण रूप से भारत बंद का आव्हान किया गया है।