2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जेल में कैदीयों के लिए होने वाली है ऐसी व्यवस्थाएं, सीधे जुड़ सकेंगे रोजगार से

जेल में कैदीयों के लिए होने वाली है ऐसी व्यवस्थाएं, सीधे जुड़ सकेंगे रोजगार से
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

सीहोर

•

image

Deepesh Tiwari

•

Updated: 6 May 2018, 12:19 PM IST

jail, kaidi, facilities, sehore, sehore patrika, patrika news, patrika bhopal, employment,

सीहोर। जिला मुख्यालय स्थित जेल में कैद केदियों को भी रोजगार मिलेगा। मजदूरी कर अपने परिवार के पालन पोषण के साथ पीडि़त परिवार को भी मजदूरी का हिस्सा मिलेगा। जल्द ही जेल में सिलाई, बढ़ाई और बेल्डिंग का काम शुरू हो जाएगा। अनट्रेंड कैदियों को सेंट्रल जेल के कैदी ट्रेनिंग देंगे।
तिहाड़ जेल सहित कुछ अन्य बड़ी जेलों की तरह अब जिला मुख्यालय की जेल में बंद सजायाफ्ता कैदी भी सीधे रोजगार से जुड़ेगें। कैदियों के लिए जेल में ही उद्योग लगाया जा रहा है।

सिलाई, बढ़ाई और बेल्डिंग का काम जेल में बंद लगभग ७० से ज्यादा पुरूष और पांच सजायाफ्ता महिला कैदी को रोजगार देगा। जहां कैदियों को बकायदा मेहनत की मजदूरी भी मिलेगी। रोजगार को लेकर जेल विभाग तैयारियां कर रहा है। कौशल विकास एवं व्यवसायिक प्रशिक्षण के तहत जेल में बंद कैदियों को रोजगार उपलब्ध कराने तैयारियां की जा रही है। मॉनिटरिंग के लिए भी समिति का गठन किया गया है। मशीनों के आने के साथ इन्हें स्थापित किए जाने का काम जेल विभाग कर रहा है। जल्द ही उदघाटन कर इसका लाभ भी मिलना शुरू हो जाएगा।

बंदियों को मिलेगी ६२ रूपए मजदूरी
जेल में बंद सजायाफ्ता कैदियों को जेल में ही रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए बकायदा काम करने वाले कैदी को ६२ प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी भी मिलेगी। इसी के साथ सप्ताह में एक दिन अवकाश भी मिलेगा।


कैदी और उसके परिवार को मिलेगी आधी-आधी मजदूरी
जेल में रहकर सजा काट रहे कैदियों को मिलने वाली मजदूरी इ-पेमेंट के माध्यम से खाते में आएगी। आधी मजदूरी सजायाफ्ता कैदी और आधी मजदूरी पीडि़त परिवार को मिलेगी। इससे दोनों ही परिवार को लाभ मिलेगा।

तनाव से मिलेगी मुक्ति
विभिन्न मामलों में सजा काट रहे सजायाफ्ता कैदी कई बार जेल में जाकर तनाव में आ जाते है। खाली बैठे रहने से भी बोरियत होती है। जेल में उद्योग के लगने से जहां एक और परिवार को मजदूरी के रूप में अर्थिक सहायता मिलेगी वही काम करने के चलते कैदियों को तनाव से भी मुक्ति मिलेगी।


जेल में उद्योग लगाने को लेकर काम चल रहा है। मशीनों के लगते ही काम शुरू हो जाएगा। कैदियों को इ-पेमेंट द्वारा खाते में राशि दी जाएगी।
पन्नालाल प्रजापति, जेल उप अधीक्षक सीहोर