
पीएम आवास की किश्त लेने यहां देना पड़ती है रिश्वत
सीहोर। गरीबों को रहने के लिए पक्का मकान मिल सके, इसके लिए सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत राशि दी जा रही है। जिससे की गरीब का भी पक्का मकान हो, लेकिन नसरुल्लागंज क्षेत्र में इस में भारी भ्रष्टाचार सामने आ रहा है। ग्राम पिपलानी के दो ग्रामीणों ने कलेक्टर को शपथ पत्र देकर ग्राम के सरपंच, पंचायत सचिव और रोजगार सहायक पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया है।
जिले की नसरुल्लागंज में तहसील अंतर्गत आने वाले ग्राम पिपलानी निवासी हरि नारायण पिता हरि किशन धुर्वे ने कलेक्टर को शपथ पत्र देकर बताया कि प्रधान मंत्री आवास योजना के अंतर्गत मेरा मकान स्वीकृत हुआ था जिसकी प्रथम किश्त देने के लिए ग्राम के सरपंच अल्केश, पंचायत सचिव सुनील बारेला, रोजगार सहायक अरुण महेश्वरी ने 10 हजार की रिश्वत ली है पैसे नहीं देने पर मकान की किश्त नहीं देने की बात कही थी।
मजबूरन मुझे 10 हजार रुपए देने पड़े तब मकान बनाने की पहली किश्त मुझे दी गई। साथ ही मुझे डराया धमकाया गया कि यह बात किसी को नहीं बताना है। वहीं मुकेश पिता बाबूलाल निवासी पिपलानी ने भी एक शपथ पत्र देकर बताया कि स्वच्छ भारत अभियान अंतर्गत शौचालय बनाने के लिए मुझसे सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक अरुण माहेश्वरी के द्वारा 2000 रुपए लिए गए।
वहीं इस संबंध में सरपंच, सचिव व रोजगार सहायक का कहना है कि हमने किसी भी हितग्राही से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के तहत कोई राशि की मांग नहीं की। हमारे ऊपर लगाए गए आरोप झूठे और मनगढ़ंत हैं। बुधवार को ही ग्राम पंचायत के प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास योजना का लाभ लेने वाले करीब 40 हितग्राहियों ने कलेकट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को आवेदन देकर भी यह बात कही गई है कि आवास योजना के अंतर्गत हमारे आवास स्वीकृत करने में हमसे किसी भी सरपंच, सचिव ने कोई राशि की मांग नहीं की।
Published on:
12 Jul 2018, 12:56 PM IST
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