
लखनवाड़ा के वैनगंगा घाट में हुई छठ पूजा
सिवनी. दिवाली पर्व के समापन के साथ ही लोक आस्था का महापर्व छठ 31 अक्टूबर से शुरू हो गया है। गुरुवार से शुरू होने वाले महापर्व छठ में सूर्य को सुबह और शाम को अर्घ दिया जाएगा। यह 3 नवंबर तक चलेगा।
आज 1 नवंबर को पुत्र एवं पति की लंबी उम्र की कामना के साथ खरना रखा जायेगाए वहीं 2 नंबवर दिन शनिवार की शाम डूबते सूर्य को उपवास रखने वाली महिलाएं अर्घ देंगीए साथ ही 3 नवंबर की प्रातरू उगते सूर्य को अर्घ देनेे के पश्चात पारण कर महिलाएं व्रत समाप्त करती है।
समस्त संसार में ऊर्जा के स्रोत सूर्य ही हैं। संसार के सभी जीव अपने पोषण के लिए उनकी ऊर्जा पर ही निर्भर रहते हैं। असीम आस्था एवं अगाध विश्वासए कठिन तप एवं कठोर अनुष्ठानों का त्यौहार श्छठ्य भगवान सूर्य की उपासना को ही समर्पित है।
सूर्य देव को समर्पित छठ पर्व महज एक अनुष्ठान नहींए बल्कि यह हमारी संस्कृति है। वह संस्कृति जो हजारों वर्षों से हमारे अंदर रची बसी है और आज भी इसे उतनी ही श्रद्धा और आत्मीयता के साथ मनाया जाता है जैसे हजारों वर्ष पूर्व रहा होगा।
प्रतिवर्ष जिला मुख्यालय सहित अन्य विकासखण्डों में बिहार व उत्तरप्रदेश के निवासियों द्वारा पारंपरिक रूप से छठ पूजा का महोत्सव मनाया जाता है जहां प्रमुख रूप से छिंदवाड़ा रोड स्थित लखनवाड़ा बैनगंगा घाट में हजारों श्रद्धालु डूबते व उगते सूरज को अर्घ देकर पर्व मानते है।
ऐच्छिक अवकाश घोषित
राज्य शासन ने छठ पूजा पर्व पर शनिवार को प्रदेश के शासकीय कार्यालयों एवं संस्थाओं के लिए ऐच्छिक अवकाश घोषित किया है। छठ पूजा पर्व को ऐच्छिक अवकाश की सूची में सम्मिलित किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आज यह आदेश जारी किया गया।
Published on:
02 Nov 2019 12:41 pm
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