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80 करोड़ की योजना में नहीं गति, मुडऩा में मिल रही शहर की गंदगी

नपा बना रहा है सीवर लाइन सिस्टम, लेकिन भोपाल लेबिल पर अटका मामला
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शहडोल

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Murari Soni

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Updated: 11 Feb 2018, 8:47 PM IST

80 crore is not planned, the city's dirt is found in Mundna

शहडोल। सीवरेज सिस्टम न होने के कारण शहरभर की गंदगी नालियों के माध्यम से सीधे मुडऩा नदी में समाहित हो रही है। जल प्रदूषण को देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने विगत वर्ष नगर पालिका शहडोल को नोटिस देकर चेतावनी दी थी कि जल्द से जल्द गंदे नालों की व्यवस्था की जाए, अन्यथा विभाग द्वारा नपा अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। नोटिस दिए वर्षभर हो गया लेकिन अभी भी नालियों से गंदगी मुडऩा नदी में मिल रही है। अब नपा द्वारा जल्द से जल्द सीवरेज लाइन डालने की बात कही जा रही है।
नगर पालिका द्वारा शहर के सभी वार्डों में नालियों को सीवरेज सिस्टम से जोड़कर गंदे पानी का ट्रीटमेंट करने के लिए ८० करोड़ का सीवरेज प्लान तैयार किया गया है। जिसकी फिजिविल्टी रिपोर्ट भी स्वीकृत हो चुकी है। लेकिन अभी भी डीपीआर बनना बाकी है। भोपाल स्तर पर फाइल रुकी हुई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर शहर में सीवरेज प्लांट कब लगेगा।
शहर के ३९ वार्डों में निवासरत लोगों द्वारा छोड़े गए प्रदूषित पानी से मुडऩा नदी में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। बड़े-बड़े नाले सीधे नदी में समाहित हो रहे हैं। मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने संज्ञान लेते हुए विगत वर्ष नपा सीएमओ को नोटिस देकर कहा था कि नपा प्रबंधन गंदे पानी की व्यवस्था करे। लेकिन सीवरेज सिस्टम की आस में पूरा साल गुजर गया है, अभी तक कोई पहल नपा द्वारा दिखाई नहीं दे रही है।

---सीवरेज लाइन से शहर की नालियों को जोड़ा जाएगा ताकि मुडऩा नदी में शहर की गंदगी न मिले। भोपाल स्तर पर कार्रवाई चल रही है। जल्द ही आगे की कार्रवाई होने की उम्मीद है।
विद्याशंकर चतुर्वेदी
सीएमओ नपा शहडोल।

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2 हजार प्रतिक्विंटल गेहूं खरीदे सरकार
शहडोल। भारतीय किसान संघ ने बताया कि भारत सरकार द्वारा बजट में किसानों को लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य देने की घोषणा की गई है। जो आगामी खरीफ फसल से लागू होगी। ऐसी परिस्थितियों में भारतीय किसान संघ मप्र शासन से गेंहूं पर बोनस देने की मांग करता है। भारतीय किसान संघ ने मांग की है कि सरकार बोनस सहित २ हजार प्रति क्विंटल के भाव से गेहूं की खरीदी की जाए।