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अब 10वीं और 12वीं में नए तरीके से मिलेंगे नंबर

सैद्धांतिक परीक्षा में मिलेंगे 80 व 70 नंबर, अंक विभाजन में हुआ संसोधन
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शहडोल

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Shiv Mangal Singh

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Updated: 11 Feb 2018, 7:13 PM IST

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शहडोल। 10वीं और 12वीं को लेकर सरकार रोज नए-नए संशोधन कर रही है। इसको लेकर अब एक और नया आदेश आया है। जिसमें अंक विभाजन नए तरीके से किया गया है। मध्य प्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा हाईस्कूल व हायर सेकेण्ड्री के अंक विभाजन में संशोधन किया गया है। जिसमें मंत्रालय बल्लभ भवन भोपाल मध्य प्रदेश के अनुमोदन उपरांत सत्र 2018-19 से माध्यमिक शिक्षा मण्डल मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा संचालित हाई स्कूल व हायर सेकेण्ड्री की सैद्धांतिक परीक्षा, आंतरिक मूल्यांकन / प्रायोगिक परीक्षा हेतु अंक विभाजन में संशोधन किया गया है। हाईस्कूल परीक्षा के लिए नियमित छात्रों एवं स्वाध्यायी छात्रों के लिये प्रश्नपत्र का निर्माण 100 अंको का ही होगा एवं केवल नियमित छात्रों के लिये 80 अंक सैद्धांतिक परीक्षा एवं 20 अंक प्रोजेक्ट / प्रायोगिक कार्य तथा नोटबुक के लिये निर्धारित है। स्वाध्यायी छात्रों के लिये आंतरिक मूल्यांकन का प्रावधान नही किया गया है। हाईस्कूल परीक्षा के आंतरिक मूल्यांकन के 20 अंक पृथक-पृथक भेजने के स्थान पर संस्था द्वारा मण्डल को एकजाई अंक भेजे जाएंगे तथा शाला स्तर पर प्रोजेक्ट / प्रायोगिक कार्य तथा नोट बुक प्रस्तुतीकरण के अंकत संधारित किए जाएंगे। इसी प्रकार हायर सेकेण्ड्री के नियमित एवं स्वाध्यायी छात्रों के लिए 70 अंको की सैद्धांतिक परीक्षा तथा 30 अंको की प्रायोगिक परीक्षा होगी।
प्राप्ताकों की गणना के लिये लागू होगी बेस्ट फाइव पद्धति
कक्षा 9वीं एवं 10वीं की वार्षिक परीक्षा में प्राप्ताकों की गणना के लिये बेस्ट फाइव पद्धति ही अपनाई जाएगी। जिसके अंतर्गत 6 विषयों में माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा परीक्षा ली जाती है उनमें से जिन 5 विषयों में विद्यार्थी के सबसे अधिक अंक होंगे परीक्षा की गणना के लिये उन्ही 5 विषयों के अंको को ही लिया जाएगा। लेकिन पांच विषयों में अलग-अलग उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। छठवां विषय जिसमें सबसे न्यूनतम अंक होंगे उसकी गणना महायोग में नही की जावेगी। छठवें विषय के अंक अंकसूची में मात्र प्रदर्शित किए जाएंगे एवं इस विषय में उत्तीण होना भी अनिवार्य नही होगा।