
Wheat
शहडोल- धान खरीदी केन्द्रों के बाद अब गेहूं खरीदी केन्द्रों की संख्या भी कम करने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय से व्यापारी वर्ग को लाभ मिलेगा वहीं इससे छोटे-छोटे किसानों की समस्या बढ़ जाएगी। पहले यह छोटे किसान स्थानीय स्तर पर या फिर आस-पास के खरीदी केन्द्रों में ले जाकर अपना अनाज बेच देते थे अब उन्हें अपना अनाज बेचने के लिये लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी।
जिसके चलते जहां उन्होंने परिवहन का ज्यादा व्यय लगेगा वहीं किसानों को परेशानी का भी सामना करना पड़ेगा। इस निर्णय के चलते छोटे किसानों की मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं।
पहले बनाए गए थे 39 केन्द्र
जिले में रबी के सीजन में गेहूं खरीदी के लिये 39 खरीदी केन्द्र बनाए गए थे। जहां किसानों के अनाज की खरीदी की जाती थी और उसका परिवहन गोदाम के लिये किया जाता था। बताया जा रहा है कि इस वर्ष रबी सीजन में गेहूं खरीदी के लिये पूर्व से निर्धारित 39 केन्द्रो में कटौती करते हुये कुल 32 खरीदी केन्द्रों में ही खरीदी कराए जाने का निर्णय लिया गया है। ऐसे में 7 खरीदी केन्द्रों में इस वर्ष खरीदी का कार्य नही किया जाएगा।
कम खरीदी वाले केन्द्र होंगे बंद
किसानों का अनाज शुलभता से बिक जाए और उन्हे उसका समुचित दाम मिल जाए इसी उद्देश्य से सरकार ने किसानों के अनाज खरीदी का निर्णय लिया था। इसके लिये अलग-अलग खरीदी केन्द्र बनाकर अनाज खरीदी कर किसानों के खाते में भुगतान किया जा रहा है। इसके लिये जहां पूर्व में 39 केन्द्र बनाए गए थे उनकी जगह इस वर्ष 7 ऐसे खरीदी केन्द्र जहां पिछले सत्र में खरीदी 1000 क्विंटल से कम हुई थी उन केन्द्रो को बंद कर दिया गया है।
व्यापारियों को मिलेगा लाभ
शासन के इस निर्णय को लेकर भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष भानू प्रताप सिंह ने कहा कि जिले में छोटे-छोटे किसान है। ऐसे में आस-पास खरीदी केन्द्र हों तो वह आसानी से अपना अनाज वहां बेंच सकते हैं लेकिन खरीदी केन्द्र दूर होने की स्थिति में वह स्थानीय स्तर पर व्यापारियों को अनाज बेंचने के लिए बाध्य होंगे। ऐसे में जहां छोटे किसानों का नुक्शान उठाना पड़ेगा वहीं व्यापारियों को इस निर्णय का लाभ मिलेगा।
एक ही बैंक खाते में कई किसानों का पंजीयन
शहडोल. सहकारिता आयुक्त रेणु पंत द्वारा प्रबंध संचालक मध्य प्रदेश राज्य सहकारी बैंक मर्यादित भोपाल को एक पत्र जारी किया गया है। जिसमें समर्थन मूल्य पर 2017-2018 में की गई धान खरीदी में कृषकों के पंजीयन के दौरान किसानों के व्यक्तिगत खातों के स्थान पर संस्था के प्राथमिक बचत बैंक खाते का क्रमांक अंकित कर उपार्जन एजेंसी से राशि किसानों के खाते के स्थान पर समिति के प्राथमिक बैंक बचत खाते में प्राप्त कर ली गई। किसानों को राशि भुगतान में आर्थिक अनियमितता का उल्लेख किया गया है। जिसमें शहडोल जिला भी शामिल है। पत्र में कहा गया है कि ई उपार्जन पोर्टल से सूची लेकर ऐसे प्रकरणों में दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करें। ई पोर्टल के माध्यम से जो सूची तैयार कराई गई है उसमें शहडोल जिले के लगभग236 किसानों में 723 किसानों का पंजीयन होने का मामला सामने आया है।
इनका कहना है
शहडोल खाद्य आपूर्ति नियंत्रक जेएल चौहान के मुताबिक पहले 39 खरीदी केन्द्र थे जिनमें से 7 खरीदी केन्द्र कम हुए। इस सीजन में 32 केन्द्रों में ही गेहूं खरीदी होगी।
Published on:
19 Feb 2018, 6:35 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.