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MP के इस बड़ी नदी का बहाव ही बदल दिया, और फिर आगे क्या हुआ ?

जानने के लिए पढि़ए पूरी खबर
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शहडोल

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Shiv Mangal Singh

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Updated: 3 Feb 2018, 5:33 PM IST

The flow of this huge river of the MP changed only

शहडोल- मानपुर-शहडोल मार्ग में जयसिंहनगर के आगे उमरिया जिले के मसीरा घाट में पिछले काफी समय से नियमों को दरकिनार करते हुए खनन किया जा रहा है। खनन कंपनी द्वारा यहां पर हैवी मशीनों के माध्यम से रेत निकाल रही है। इतना ही नहीं खनन कंपनी द्वारा नदी के बहाव का रास्ता भी बदल दिया गया है।

इसके अलावा हैवी मशीनों के माध्यम से बहते पानी के बीच से रेत की निकासी की जा रही है। सुबह से लेकर देर रात तक यहां से नियमों को दरकिनार करते हुए रेत का खनन किया जा रहा है। ऐसा भी नहीं है कि इसकी जानकारी खनिज विभाग को न हो। पुल के नीचे से ही खनन का सिलसिला शुरू हो जाता है और काफी दूरी तक बड़े वाहनों से रेत निकाली जा रही है। इसके बाद भी खनिज विभाग ने चुप्पी साध रखी है और कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।

हर दिन 50 से ज्यादा वाहनों में परिवहन
शहडोल से मानपुर रोड में स्थित मसीरा घाट की स्थिति यह है कि हर दिन यहां पर 50 से ज्यादा वाहनों में रेत की निकासी की जा रही है। रेत खनन कराने वाली कंपनी द्वारा हर दिन नदी के भीतर तक हाइवा लगाकर रेत लोड कराया जाता है। ग्रामीणों की मानें तो हर दिन यहां से 50 से 80 हाइवा में रेत निकासी की जाती है। इसके बाद भी पुलिस, खनिज विभाग और प्रशासन द्वारा खनन कंपनी को अभयदान देकर रखा गया है।

तीन नाका, बांधवगढ़ का क्षेत्र फिर भी निकासी
अधिकारियों की मिलीभगत के चलते स्थिति यह है कि कड़ी निगरानी के बाद भी जंगली क्षेत्रों से खनन कंपनी अपने वाहन को निकालती है। यहां ताला मोड़ से पनपथा बरही तक तीन नाका हैं। इसके अलावा बांधवगढ़ का क्षेत्र होने के कारण प्रतिबंधित क्षेत्र हैं। इसके बाद भी यहां से वन क्षेत्र के भीतर से रेत से लोड बड़े वाहन आसानी से निकल जाते हैं। रेत के वाहन मसीरा घाट से निकलने के बाद ताला मोड़, पनपथा होते हुए बरही सहित कटनी और अन्य जगहों के लिए निकल जाते हैं और विभाग को भनक भी नहीं लगती है।

एनवायरनमेंट क्लीयरेंस की नहीं मान रहे शर्त
एनवायरनमेंट क्लीयरेंस के तहत खनन कंपनी को शर्तो का पालन करना पड़ता है। इसमें नदी के भीतर और पानी के भीतर से रेत नहीं निकाल सकते हैं। खनन खनन नदी के किनारों से ही रेत निकाल सकती है। इसके बाद भी शर्तो को उल्लंलन करते खनन कंपनी बेखौफ होकर नदी के भीतर से बहते पानी के अंदर से रेत निकाल रही है।

इनका कहना है
उमरिया खनिज अधिकारी आरके पांडेय के मुताबिक नदी में पानी के भीतर से रेत और हैवी मशीनों से खनन की जानकारी मेरे संज्ञान में आई थी। समय समय पर हम टीम भेजकर औचक जांच करते हैं। मसीरा घाट में नियमों को दरकिनार कर खनन किया जा रहा है तो दबिश देकर खनन कंपनी के खिलाफ कार्रवाई होगी।