script268th Kansa Vadotsav Kansa Durbar at Kansa Crossroads | लगातार 268 वें वर्ष भी होगा कंस वधोत्सव, कंस चौराहे पर लगा कंस दरबार | Patrika News

लगातार 268 वें वर्ष भी होगा कंस वधोत्सव, कंस चौराहे पर लगा कंस दरबार

मथुरा के बाद शाजापुर में प्रतिवर्ष होता है अनूठा आयोजन

शाजापुर

Published: November 08, 2021 07:38:28 pm

शाजापुर. कंस वधोत्सव की अनूठी परंपरा इस बार फिर निभाई जाएगी। घमंड व अत्याचार के प्रतीक कंस के पुतले को कंस चौराहे पर बैठा दिया है। कंस चौराहा स्थित दरबार में बैठाए गए कंस के पुतले का वध 14 नवंबर दशमी के दिन किया जाएगा। 267 साल पुरानी इस परंपरा को निभाने के लिए कंस वधोत्सव समिति द्वारा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

kans_badhotsav_shajapur.png

देश के मथुरा में कंस वधोत्सव की परंपरा का निर्वहन प्राचीन समय से किया जाता रहा है, वहीं मथुरा के बाद शाजापुर में करीब 267 वर्षों से यह आयोजन हो रहा है। शाजापुर में भव्य पैमाने पर यह आयोजन किया जाता है। कंस वधोत्सव समिति के संयोजक तुलसीराम भावसार एवं समिति पदाधिकारी अजय उदासी ने बताया कि कंस के पुतले को कंस चौराहे पर बैठा दिया गया है। इस बार कार्तिक माह की दशमी 14 नवंबर को रहेगी, इसी दिन कंस वध किया जाएगा।

Must See: बच्चों की जान बचाने बाघ से भिड़ गई बाघिन, मौत...

समिति संयोजक भावसार ने बताया कि कंस वधोत्सव का कार्यक्रम दशमी पर होता है। दशमी की शाम को देव व दानव की वेषभूषा में कलाकार तैयार होते हैं। इसके पश्चात देवव दानवों का जुलूस निकलता है। यह जुलूस बालवीर हनुमान मंदिर से धानमंडी चौराहा, किलारोड, छोटा चौक होते हुए आजाद चौक में पहुंचता है। यहां पर रात 1 बजे तक देव व दानवों में चुटीले संवादों का वाक युद्ध होता है।

Must See: नहाने के बाद टॉवल के चक्कर में पति ने पत्नी को उतारा मौत के घाट

पारंपरिक वेषभूषा में सजे धजे कलाकार देर रात तक वाक युद्ध करते हैं। इस दौरान लोग वाक युद्ध का काफी लुत्फ लेते हैं। रात 11 बजे कलाकार आजाद चौक से सोमवारिया बाजार में कंस चौराहा पर पहुंचते हैं। कंस चौराहा पर भी वाकयुद्ध होता है। इसके पश्चात रात 12 बजते ही कंस वध किया जाता है। पारंपरिक वेषभूषा में श्रीकृष्ण बने कलाकार द्वारा कंस के पुतले का वध किया जाकर उसे सिंहासन से नीचे गिराया जाता है।

Must See: फूड इंस्पेक्टर रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

यहां पर पहले से ही हाथ में लाठी और डंडे लिए हुए तैयार हक समाजजन लाठियों से पीटते हुए कंस के पुतले को घसीटते हुए ले जाते हैं। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष कोरोना संकट को देखते हुए आयोजन को सीमित कर दिया गया था। कुछ देर के लिए ही कंस चौराहा पर सांकेतिक वाकयुद्ध हुआ था। शोभायात्रा का आयोजन भी नहीं किया गया था। इस बार शासन प्रशासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही समिति द्वारा आयोजन की आगामी रूपरेखा तैयार की जाएगी।

Must See: चंबल में अवैध हथियारों की फैक्ट्री, भारी मात्रा में कट्टा, पिस्टल बरामद


कंस के सीने पर लिखा “मैं”
कंस का इस बार जो पुतला तैयार किया गया है उसके एक हाथ में तलवार तो एक हाथ में ढाल है। वहीं उसके सीने पर एक तख्ती लगी हुई है, जिस पर 'में' लिखा हुआ है। उल्लेखनीय है कि कंस अत्याचारी व घमंडी था। वह स्वयं को ही भगवान मानने लगा था। उसके स्वभाव में ही था। इसी मैं के कारण भगवान ने उसका वध किया था। कंस के अहंकार को दर्शाते हुए इस बार उसके पुतले पर मैं लिखा गया है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Video Weather News: कल से प्रदेश में पूरी तरह से सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ, होगी बारिशVIDEO: राजस्थान में 24 घंटे के भीतर बारिश का दौर शुरू, शनिवार को 16 जिलों में बारिश, 5 में ओलावृष्टिदिल्ली-एनसीआर में बनेंगे छह नए मेट्रो कॉरिडोर, जानिए पूरी प्लानिंगश्री गणेश से जुड़ा उपाय : जो बनाता है धन लाभ का योग! बस ये एक कार्य करेगा आपकी रुकावटें दूर और दिलाएगा सफलता!पाकिस्तान से राजस्थान में हो रहा गंदा धंधाइन 4 राशि वाले लड़कों की सबसे ज्यादा दीवानी होती हैं लड़कियां, पत्नी के दिल पर करते हैं राजहार्दिक पांड्या ने चुनी ऑलटाइम IPL XI, रोहित शर्मा की जगह इसे बनाया कप्तानName Astrology: अपने लव पार्टनर के लिए बेहद लकी मानी जाती हैं इन नाम वाली लड़कियां
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.