
fake bs6 vehicle urea factory busted police raid, नकली यूरिया की फैक्ट्री व बाहर रखीं बाल्टियां (Source-Patrika)
Shivpuri Fake Urea Factory Raid: मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के दिनारा थाना क्षेत्र में सिकंदरा बैरियर के पास भगवती ढाबे के पीछे एक खेत में संचालित नकली यूरिया बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। इस कार्रवाई को शिवपुरी से गई एसपी की विशेष पुलिस टीम ने अंजाम दिया है। मौके से 13 हजार 200 लीटर नकली यूरिया व अन्य पैकिंग का सामान मिला है। यह नकली यूरिया वाहनों में डालने के लिए तैयार किया जा रहा था। बड़ी बात यह है कि यह फैक्ट्री आज से नहीं, बल्कि पिछले 3 साल से क्षेत्र में संचालित थी और स्थानीय पुलिस को इसकी कोई भनक तक नहीं थी। इसलिए पूरे मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया को बीते रोज किसी ने सूचना दी थी कि दिनारा क्षेत्र में कई दिनों से बड़े पैमाने पर वाहनों में डलने वाला नकली यूरिया बनाया जा रहा है। साथ ही इस नकली यूरिया को ब्रांडेड कंपनी के नाम से बाजार में खपाया जा रहा है। सूचना पर एसपी ने एक विशेष टीम गठित की, यह टीम मौके पर पहुंची और फैक्ट्री पर रेड मारी तो नकली यूरिया फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ। पुलिस टीम को देखकर मौके पर काम कर रहे लोग भाग गए।
फैक्ट्री के अंदर 13 हजार 200 लीटर नकली यूरिया बना हुआ बड़ी-बड़ी टंकियों में भरा रखा मिला है। साथ ही फैक्ट्री के अंदर इस यूरिया को पैक करने की बाल्टियां व अन्य सामान भी मिला है। पुलिस ने इस मामले में ग्राम आवास निवासी आनंद यादव के खिलाफ गैर जमानती धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। हालांकि मामले में और आरोपियों के नाम भी सामने आए हैं, जो कि विवेचना के दौरान इसमें जुड़ सकते है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फैक्ट्री में यूरिया किस तरीके से तैयार किया जाता था और इसे कहां-कहां सप्लाई किया जा रहा था।
बता दें कि बीएस 6 डीजल वाहनों, ट्रकों व बसों में प्रदूषण को कम व माइलेज बढ़ाने के लिए यूरिया का उपयोग किया जाता है। यह शुद्ध यूरिया व डी.आयोनाइज्ड पानी से बनता है। वही दिनारा में यह यूरिया पूरी तरह से नकली तरीके से बनाया जा रहा था। इस नकली और मिलावटी यूरिया डालने से वाहन का साइलेंसर और एससीआर सिस्टम खराब हो जाता है, जिससे इंजन सीज होने और लाखों के नुकसान का खतरा रहता है। आरोपी इसी की आड़ में सस्ता केमिकल मिलाकर ब्रांडेड कंपनियों के नाम से यूरिया बनाकर बाजार में सप्लाई कर रहे थे और लाखों रुपए कमा रहे थे।
Updated on:
19 Sept 2026 07:18 pm
Published on:
19 Sept 2026 07:18 pm
