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फलौदी माता मेला: बत्तीस सदस्यों का परिवार, चूल्हा एक

सभी का खाना भी एक ही रसोई में बनता है
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शिवपुरी

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Shailendra Tiwari

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Updated: 31 Jan 2017, 12:56 AM IST

रामगंजमंडी. एक तरफ आज जहां संयुक्त परिवारों का विघटन हो रहा है वहीं इंदौर में एक परिवार एेसा भी है जिसमें कुल 32 सदस्य हैं और सभी सदस्य एक साथ रहते हैं। इन सभी का खाना भी एक ही रसोई में बनता है। इंदौर के जमना प्रसाद कपासिया के छह पुत्रों का एक साथ रहने वाला यह परिवार यहां फलौदी माता के 12 वर्षीय मेले में आया है।

परिवार के सदस्य व्यवसाय करते हैं लेकिन फलौदी माता के दरबार में ढोक लगाने के लिए सभी सदस्य व्यवसाय बंद करके आए हैं। इस परिवार के सदस्य 27 जनवरी को यहां पहुंचे। पूरी मेला अवधि में ये यहीं रहेंगे। मेले के समापन के साथ चार फरवरी को लौटेंगे।

परिवार के एक सदस्य का कहना था कि मेले में रिश्तेदारों व समाज के लोगों से मिलने की चाहत उन्हें मां के दरबार तक खींच लाई। इंदौर में मां फलौदी के नाम से कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों से जुड़े कपासिया परिवार में छह पुत्र, छह बहुएं, चार पौत्र व उनकी बहुओं के साथ बच्चे भी आए हैं।

फलौदी नगर में इस परिवार के दो आवास हैं लेकिन यहां भी चूल्हा एक है। आने वाले मेहमानों के लिए इसी चूल्हे पर चाय बनती है। परिवार के पुरुषोत्तम कपासिया ने बताया कि उनके घर में सुबह 9 से 12 बजे तक सिगड़ी पर रोटी बनती है। भाइयों में कभी कुछ बात हो जाती है लेकिन बहुओं में कोई मनभेद नहीं होता। रसोई में सभी बहुएं अपनी जिम्मेदारी संभालकर काम करती हैं। यहां भी परिवार के सारे सदस्य भोजनशाला में जाकर एक साथ भोजन ग्रहण करते हैं।