
waterfall 4 children death, परिजनों को राहत राशि देते अधिकारी व चारों बच्चों की जीवित अवस्था की तस्वीरें (Source-Patrika)
Children Referred To Gwalior: मध्यप्रदेश के शिवपुरी में फिजिकल थाने के सामने व हम्माल मोहल्ला में पिछले 15 दिन में हुई 4 बच्चों की मौत का मामला अभी भी थम नहीं रहा है। हालात यह हैं कि उनके ही परिवार से अब बुधवार देर शाम 4 बच्चों को बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है। बीते रोज परिजनों के जो ब्लड के सैम्पल लिए गए थे, उसमें कोई बीमारी नहीं आई है, सभी रिपोर्ट निगेटिव हैं। इधर प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को डेढ़ लाख रुपए की आर्थिक सहायता भी दी है। साथ ही गोराटीला झरने के पानी का उपयोग न करने की चेतावनी प्रशासन ने जारी की है।
जानकारी के मुताबिक कुछ दिन पूर्व ग्राम गोराटीला झरने पर जाने और वहां के पानी के उपयोग के बाद चार बच्चों की तबीयत बिगड़ी थी, जिसके बाद एक-एक कर उनकी मौत हो गई। प्रशासन अब बीमारी के कारणों की जांच कर रहा है। बुधवार को कलेक्टर अर्पित वर्मा ने सीएमएचओ डॉ संजय ऋषिश्वर को निर्देश दिए हैं कि पिकनिक मनाने गए सभी बच्चों के परिजनों के जांच के लिए सैंपल लिए जाएं। सीएमएचओ द्वारा चिकित्सकों की 2 टीमें बनाकर 50 ब्लड सैंपल लिए गए हैं।
बुधवार शाम को जब इसी परिवार के चार बच्चों अयान पुत्र असर मोहम्मद, इनायत पुत्री रजा मोहम्मद, आफिया बानो पुत्री आसिफ खान व ताशीन पुत्री तौकीर अहमद की हालत खराब हुई तो इन चारों बच्चों को शिवपुरी से ग्वालियर अस्पताल रैफर किया गया है। इन सभी बच्चों को बुखार से लेकर पेट दर्द व अन्य शिकायत सामने आ रही है।
जिला प्रशासन ने पीड़ित दोनों परिवारों के परिजनों को डेढ़ लाख रुपए की राशि रेडक्रॉस के माध्यम से दिलाई है। यह राशि देने के लिए अपर कलेक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला व स्वास्थ्य विभाग का अमला दोनों परिवारों के पास पहुंचा और उन्हें मदद देकर साहस रखने की बात की और शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। सीएमएचओ डॉ. संजय ऋषिवर ने बताया कि हमने परिजनों के सैम्पल कराए थे। किसी में भी डेंगू, मलेरिया या कोई दूसरी बीमारी नहीं निकली है। आज जिन चार बच्चों को ग्वालियर रैफर किया है, उनमें एक लड़की के लिवर में दिक्कत थी, इसलिए सभी बच्चों को बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर भेजा है। हम बीमारी का कारण पता करने में लगे हैं।
16 अगस्त को यह दोनों परिवार कोलारस के गोरा टीला झरने पर नहाने गए थे। इसके बाद उन्होंने वहां पर पिकनिक भी की। प्रशासन ने उस झरने के पानी की जांच के लिए सैम्पल लिए हैं। साथ ही कोलारस एसडीएम शिवदयाल धाकड़ ने प्रशासनिक अमले, पटवारी, सरपंच और ग्रामवासियों के साथ सिद्ध बाबा बरसाती नाले से निकलने वाले झरने व गोरा टीला क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया। स्वास्थ्य विभाग को गांव में सर्वे करने, ग्रामीणों की स्वास्थ्य निगरानी रखने और लक्षण दिखने पर तुरंत इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने जांच रिपोर्ट आने तक ग्रामीणों से इस झरने के पानी में नहाने, पीने या इसे किसी भी घरेलू उपयोग में न लाने की अपील की है।
Updated on:
02 Sept 2026 10:19 pm
Published on:
02 Sept 2026 10:19 pm
