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Rajasthan: सरकारी स्कूल की कक्षा 1 से 12 तक की इन छात्राओं को राजस्थान सरकार देगी इतने रुपए, खाते में आएगी राशि

योजना के तहत कक्षा 1 से 12 तक की पात्र बालिकाओं को दो से लेकर पांच हजार रुपए तक की सहायता डीबीटी के माध्यम से मिलेगी।
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सीकर

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Rakesh Mishra

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Updated: 18 Nov 2025, 9:29 PM IST

Girl Child Award Scheme

प्रतीकात्मक तस्वीर

सीकर। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वालीं दिव्यांग बालिकाओं को अब चारूचंद्र बोस आर्थिक सबलता पुरस्कार योजना के तहत आर्थिक संबल मिलेगा। राज्य सरकार ने बालिका फाउंडेशन के तहत संचालित शारीरिक अक्षमतायुक्त बालिकाओं के लिए आर्थिक सबलता पुरस्कार योजना और मूक-बधिर-दृष्टिहीन बालिकाओं के लिए बनी योजना को एकीकृत करते हुए नए सिरे से इसकी शुरुआत की है। इसमें कक्षा 1 से 12 तक की दिव्यांग, दृष्टिहीन व मूक-बधिर बालिकाओं को दो से पांच हजार रुपए मिलेंगे।

योजना बदली, राशि वही

योजना का नाम भले ही बदल गया है, लेकिन बालिकाओं को मिलने वाली पुरस्कार राशि में कोई बदलाव नहीं किया गया है। नई योजना के तहत भी कक्षा एक से आठ तक की छात्राओं को दो हजार रुपए व कक्षा नौ से 12 तक की छात्राओं को पांच हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

25 तक होंगे आवेदन

बालिका शिक्षा फाउंडेशन के सचिव डॉ. अरुण शर्मा के पत्र के मुताबिक योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पात्र बालिकाओं की सूचना संबंधित स्कूलों को 25 नवंबर तक शाला दर्पण पोर्टल पर साझा करनी होगी। इसे जिला शिक्षा अधिकारी 30 नवंबर तक सत्यापित कर सकेंगे। यदि तय तिथि तक सत्यापन नहीं हुआ तो उसे अपने आप सत्यापित मान लिया जाएगा।

जन आधार जरूरी

योजना राशि बालिकाओं को डीबीटी के तहत सीधे बैंक खाते में मिलेगी। इसके लिए बालिका फाउंडेशन सचिव ने सभी संस्था प्रधानों को पात्र बालिकाओं के जन आधार को शाला दर्पण पर अनिवार्य रूप से प्रमाणित करवाने के निर्देश दिए हैं।

यह वीडियो भी देखें

सूची डालनी होगी

चारूचंद्र बोस आर्थिक सबलता पुरस्कार के तहत आठवीं तक की बालिकाओं को दो हजार व कक्षा 9 से 12 तक की छात्राओं को पांच हजार रुपए की सहायता मिलेगी। संस्था प्रधानों को पात्रों की सूची 25 नवंबर तक शाला दर्पण पोर्टल पर अपलोड करनी है।

  • विक्रमसिंह शेखावत, एडीईओ, (माध्यमिक) सीकर