
छात्रा को पढ़ाती शिक्षिका। फाइल फोटो- पत्रिका
नवलगढ़ (झुंझुनूं)। नवलड़ी ग्राम पंचायत की खीचड़ों की ढाणी में एक ऐसा सरकारी स्कूल है, जो राज्य की शिक्षा व्यवस्था की एक अनोखी तस्वीर पेश करता है। यहां पढ़ने वाली एकमात्र छात्रा 7 वर्षीय खुशी खीचड़ है। विद्यालय में अध्यापिका मनीषा नियुक्त हैं, जबकि पोषाहार बनाने के लिए एक महिला कार्यरत है। पूरा विद्यालय इसी एक बच्ची और एक ही अध्यापिका के भरोसे चलता है।
अध्यापिका अकेली होने के कारण जिस दिन वे बीमार हो जातीं या किसी अन्य वजह से छुट्टी पर रहती हैं, उस दिन स्कूल का ताला तक नहीं खुलता। वहीं जिस दिन बच्ची किसी कारण से नहीं आ पाती, उस दिन अध्यापिका के पास पढ़ाने के लिए कोई विद्यार्थी नहीं होता। डेंगू होने के कारण अध्यापिका मनीषा इस महीने करीब 10 दिन अवकाश पर रहीं और खुशी को घर पर ही रहना पड़ा।
शिक्षिका का वेतन, पोषाहार बनाने वाली महिला का मानदेय और विद्यालय का स्थाई खर्च, इन सबका योग करें तो इस विद्यालय में एकमात्र छात्रा की शिक्षा पर सालाना करीब 10 लाख रुपए खर्च हो रहा है।
पिछले सत्र में विद्यालय में दो विद्यार्थी और दो अध्यापिकाएं कार्यरत थीं। एक अध्यापिका सेवानिवृत्त हो गई और एक बच्चा पांचवीं कक्षा पास कर दूसरे विद्यालय में चला गया। खुशी का घर विद्यालय से करीब 200 मीटर दूर है और साधारण किसान परिवार से होने के चलते परिजनों ने नजदीक होने के कारण यहीं उसका नामांकन करवाया।
दो दिन पहले उच्च माध्यमिक विद्यालय नवलड़ी के प्रधानाचार्य एवं पीईईओ ने बताया कि खुशी का नामांकन उच्च माध्यमिक विद्यालय में करवा दिया गया है और प्राथमिक विद्यालय की अध्यापिका मनीषा की ड्यूटी भी वहीं लगा दी गई है।
यह वीडियो भी देखें
पत्रिका टीम मौके पर पहुंची तो इसी प्राथमिक विद्यालय में अध्यापिका मनीषा ड्यूटी पर थीं और खुशी को पढ़ा रही थीं। अध्यापिका ने बताया कि स्कूल शिफ्ट किए जाने का उनके पास कोई लिखित आदेश नहीं है। गौरतलब है कि प्राथमिक विद्यालय खुशी के घर से 200 मीटर दूर है, जबकि उच्च माध्यमिक विद्यालय नवलड़ी करीब 4 किलोमीटर दूर है।
विद्यालय शिफ्ट करने का अधिकार न पीईईओ के पास है और न ही मेरे अधिकार क्षेत्र में। पीईईओ के माध्यम से प्राप्त पत्र सीबीईओ कार्यालय उच्चाधिकारियों को भेजता है। अंतिम निर्णय राज्य सरकार के सक्षम अधिकारी ही लेते हैं।
Updated on:
18 Nov 2025 07:56 pm
Published on:
18 Nov 2025 07:10 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
