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शिक्षा विभाग की अनदेखी: डेढ महीने बाद भी स्कूलों में नहीं पहुंची किताबें और वर्क बुक, अगले महीने होंगे टेस्ट

Rajasthan Govt School: शिविरा पंचांग के अनुसार सितंबर महीने में ही प्रथम टेस्ट भी होना है। ऐसे में उसके लिए निर्धारित कोर्स पूरा कराना भी शिक्षकों के लिए मुश्किल हो गया है।

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सीकर

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Akshita Deora

Aug 18, 2025

फोटो: पत्रिका

Education Department: शिक्षा विभाग की ढिलाई सरकारी स्कूलों की पढ़ाई पर भारी पड़ रही है। सत्र शुरू होने के डेढ महीने बाद भी स्कूलों में कक्षा एक से 6 की किताबें व वर्क बुक नहीं पहुंची है। अब चूंकि छठी तक के पूरे पाठ्यक्रम में बदलाव हुआ है ऐसे में शिक्षक ऑनलाइन पोर्टल से पुस्तकें डाउनलोड कर पढ़ाना चाहें तो भी वर्क बुक के बिना वे विद्यार्थियों को स्कूल व होम वर्क नहीं करवा पा रहे। लिहाजा स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होने के साथ शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

शिक्षा विभाग से स्कूलों को अब तक गिनी चुनी व आधी अधूरी किबें हीता मिली है। सभी स्कूलों में कक्षा 1 से 4 तक हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, पर्यावरण में से कोई दो विषय की किताबें पहुंची है। बहुत से स्कूलों में तो पांचवीं कक्षा तक की एक भी पुस्तक नहीं पहुंची है। शिविरा पंचांग के अनुसार सितंबर महीने में ही प्रथम टेस्ट भी होना है। ऐसे में उसके लिए निर्धारित कोर्स पूरा कराना भी शिक्षकों के लिए मुश्किल हो गया है।

केस:1

धोद की राउप्रावि,बल्लूपुरा में कक्षा 5 की किताब बिल्कुल नहीं आई व कक्षा 6 में सामाजिक की पुस्तक नहीं आई है। कक्षा एक से 4 में एक से दो विषयों की ही पुस्तक पहुंची है। कक्षा 1 से 6 तक की वर्क बुक भी नहीं पहुंची है।

केस: 2

शहीद पूर्णमल राउमावि सांललोदा धायलान में कक्षा 5 की एक भी किताब नहीं पहुंची है। कक्षा 6 में संस्कृत की पुस्तक नहीं पहुंची है। इसी तरह राउप्रावि ढाणी धाबाईयों की लक्ष्मणगढ़ व राउमावि कुडली में कक्षा 5 की किताबें नहीं मिली है। वर्कबुक भी पूरी बाकी है।

नए पाठ्यक्रम के अनुसार वर्क बुक जरूरी

वर्क बुक पाठ्यक्रम के अनुसार ही होना जरुरी है। दोनों के पाठों में समानता होने पर ही पढ़ाई सुचारू हो सकती है। ऐसे में कई स्कूलों में पिछले साल की वर्क बुक होने पर भी उसका उपयोग नहीं हो पा रहा। हालांकि विभाग ने कक्षा 1 से 6 के लिए गणित की वर्क बुक भेजी है, लेकिन वह भी बच्चों की संख्या के अनुपात में काफी कम है।

पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आ रही…

जैसे- जैसे पुस्तकें आ रही है वितरित की जा रही है। ऑनलाइन पोर्टल पर सभी किताबें व वर्क बुक उपलब्ध है। स्कूलों में प्रिंटर की भी सुविधा है। ऐसे में स्कूलों की पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आ रही।

सुरेंद्रसिंह शेखावत, डीईओ (प्रा.शि.)

व्यवस्था के नाम पर सरकार का मजाक

विभाग की प्राथमिकता में निशुल्क पाठ्य पुस्तकों का समय पर वितरण, स्कूल भवन सुरक्षा व नामांकन होना चाहिए। विभाग जिओ टैगिंग जैसे गैर शैक्षिक कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है। यह शिक्षण व्यवस्था के नाम पर सरकार का मजाक है।

नोलाराम जाखड़, शिक्षक, राउप्रावि बल्लुपुरा, सीकर