
Jeen Mata Ropeway : जीण माता लक्खी मेले का आज दूसरा दिन है। बुधवार से श्रद्धालुओं को रोप - वे की सौगात मिली है। ऐसे में अब जीण माता का दर्शन करना और भी आसान हो गया है। रोप - वे ने भीड़ भी कम की और कम समय में दर्शन की सौगात दी जिससे भक्तगण खुश नजर आए। आज नवरात्रि के दूसरे दिन मां जीण भवानी की ब्रह्मचारिणी माता के रूप की पूजा की जा रही है। श्रद्धालुओं ने मां को जात, जूड़ले व गठजोड़े की धोक लगाई। श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला रामनवमी तक जारी रहेगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आज जीण माता के मंदिर में पूजा के पश्चात रोप - वे की शुरुआत की गई। बता दें, पिछले कई महीने से रोप - वे का ट्रायल चल रहा था। इस रोप - वे का काम करीब एक साल पहले शुरू हुआ था। ये रोप - वे 500 मीटर लंबा है, जो जीण माता मंदिर पहाड़ी पर स्थित काजल शिखर माता मंदिर तक फैला है। इस रोप - वे प्रोजेक्ट को बनाने में 8 करोड़ रुपए की लागत आई है। अब रोप - वे की मदद से जीण माता के मंदिर में भीड़ कम होगी, श्रद्धालु आसानी से मां के दर्शन कम समय में ही कर पाएंगे।
अब तक जीण माता के मंदिर में 121 सीढ़ियां चढ़कर जाना पड़ता था। ऐसे में महिलाओं और बुजुर्गों को इतनी सीढ़ियां चढ़ने और उतरने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। यात्रा में एक घंटे का समय भी लग जाता था। लेकिन अब इस नए रोप - वे की मदद से 4 मिनट के अंदर जीण माता मंदिर से काजल शिखर मंदिर पहाड़ी तक जा सकेंगे।
रोप - वे के प्रोजेक्ट मैनेजर नीतेश चौधरी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट से धार्मिक टूरिज्म और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इस रोप - वे का किराया 120 रुपए प्रति श्रद्धालु है वहीं, बच्चों के लिए यह 70 रुपए निर्धारित है। महज 4 मिनट में यह आपको जीण माता से काजल शिखर तक ले जाएगी। बता दें कि पहाड़ी पर आने-जाने के लिए कुल 6 रोप - वे ट्रॉली की शुरुआत की गई हैं। एक रोप - वे ट्रॉली में 6 लोग बैठ सकते हैं। ऐसे में एक बार में कुल 36 व्यक्ति पहाड़ी तक आ-जा सकते हैं।
Published on:
10 Apr 2024 04:08 pm
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