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शहीद महेश की मां का रो-रोकर बुरा हाल, पत्नी बेसुध, पिता बोले- बेटे पर गर्व है देश के लिए उसने अपने प्राण न्योछावर किये

श्रीनगर के पुलवामा में आतंकियों से मुठभेड़ में लांपुआ के सैनिक महेश के शहीद होने की सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
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श्रीनगर के पुलवामा में आतंकियों से मुठभेड़ में लांपुआ के सैनिक महेश के शहीद होने की सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

शहीद की मां का रो-रोकर बुरा हाल, पत्नी बेसुध, पिता बोले- मेरे बेटे पर गर्व है- उसने देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर किये

सीकर/खाटूश्यामजी.

श्रीनगर के पुलवामा में आतंकियों से मुठभेड़ में लांपुआ के सैनिक महेश के शहीद होने की सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर पर मां गणपति का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी सरोज देवी बेसुध है। वहीं पिता गोधाराम ने बताया कि बेटे महेश के शहीद होने पर दुख भी है और गर्व भी की उसने देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। परिजनों के अलावा पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है। शहीद के घर के बाहर ग्रामीणों का जमावड़ा लगा हुआ है। बता दें कि खाटूश्यामजी के पास लांपुआ गांव में शहीद महेश कुमार मीणा का अंतिम संस्कार आज दोपहर बाद राजकीय सम्मान के साथ होगा। कल देर रात्रि दिल्ली से जयपुर और जयपुर से सडक़ मार्ग से शव को रींगस के पुलिस थाने में रखवाया गया था। शहीद का शव रींगस थाने से कुछ देर पहले रवाना हुआ।

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भारत माता के जयघोष से गुंज उठा लांपुआ
लांपुआ गांव में जगह जगह पर लोग महेश मीणा अमर रहे ,भारत माता की जय जैसे देशभक्ति के जयकारे लगाते हुए पुष्प वर्षा कर रहे है। रींगस थाने से 9 किमी का सफर तय कर शहीद की यात्रा लांपुवा गांव पहुँचेगी। इधर लांपुआ में भारी संख्या में जिले सहित आसपास के लोगों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है।

एक गोली श्वांस नली तो दो गोली कंधे पर लगी
श्रीनगर के पुलवामा में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान भारी गोलीबारी में महेश को एक गोली श्वांस नली दो गोली कंधे लगी। बावजूद इसके शहीद महेश आतंकियों का डटकर सामना करता रहा। गंभी हालत में उन्हे सैनिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां से उन्हे दिल्ली एम्स में रेफर कर दिया। जहां उन्होंने सोमवार को देर शाम को अंतिम सांस ली।