पुरुषोत्तम विल्खीवाल ने कहा कि पत्रिका की यह मुहिम सराहनीय है। संदीप दीक्षित ने कहा कि सरकार को जातिवादी संस्थाओं के पंजीयन पर तत्काल रोक लगानी चाहिए। एडवोकेट अमर सिंह सुंडा ने कहा कि सम्पूर्ण साक्षर नहीं होने के कारण देश की राजनीति स्वच्छ नहीं हो पा रही है। एडवोकेट नवाब ने कहा कि कई जनप्रतिनिधियों पर वर्षो तक मामले चलते रहते है। ऐसे में इस तरह के मामलों के निपटारे के लिए समय सीमा निर्धारित होनी चाहिए। चांदनी जैन ने कहा कि जब तक लोग राजनीति को देशसेवा का जरिया नहीं मानेंगे तब तक राजनीति में स्वच्छता नहीं आ सकती। एडवोकेट हरि बाजिया ने कहा कि निर्वाचन आयोग भी चुनाव प्रक्रिया को और सख्त बदलाव करने की आवश्यकता है, ताकि गरीब व मध्यमवर्गीय लोग भी राजनीति के मैदान में उतरने की हिम्मत नहीं कर सके। एडवोकेट राहुल पारीक ने कहा कि लोकतंत्र में मतदाताओं को राइट टू रिकॉल का ऑप्शन मिलना चाहिए। भवानी सिंह जेरठी ने कहा कि चुनाव में योग्यता का निर्धारण होना अनिवार्य है, ताकि ग्रेडिग के आधार पर मतदाता फैसला ले सके। एडवोकेट अनुराग शर्मा ने कहा कि अशिक्षित लोगों को पार्टियों को टिकट नहीं देना चाहिए। टॉक शो के आखिर मे अभिभाषक संघ के महासचिव बजरंगलाल शर्मा ने आभार जताया। इस दौरान सांस्कृति सचिव सुनीता कुमारी, चुन्नीलाल सैनी, मुकेश कुमावत, देवीदत्त शर्मा, प्रहलाद जांगिड़, भानूप्रकाश यादव, जितेन्द्र शर्मा, धर्मेन्द्र सिंह, मितेन्द्र कुमार, विनोद कुमार, गजराज, पप्पूराम कुमावत, नंदकिशोर दानोदिया, सुनील गौड़, प्रदीप जोशी, केशव शर्मा, जितेन्द्र सिंह शेखावत, छगन गुर्जर, अरुण चौधरी, विकास कुमार, गौरीशंकर सैनी, विनोद जांगिड़, सुरेन्द्र सिंह खर्रा, संदीप शर्मा, अंकुर बहड़ व एडवोकेट अंगद तिवाड़ी सहित अन्य मौजूद रहे।