7 नवंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

PHOTOS : राजस्थान में इस जगह हो रही मोती की खेती, किसान की सालाना कमाई एक करोड़ रुपए

सीकर. धोरों की धरती में अब मोती की खेती भी होने लगी है। यह कमाल कर दिखाया है राजस्थान के सीकर जिले के दांतारामगढ़ उपखण्ड के किसानों ने
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

सीकर

•

image

Vishwanath Saini

•

Updated: 15 Jan 2018, 6:49 PM IST

Moti KI kheti sikar

सीकर. धोरों की धरती में अब मोती की खेती भी होने लगी है। यह कमाल कर दिखाया है राजस्थान के सीकर जिले के दांतारामगढ़ उपखण्ड के गांव कल्याणपुरा व रेनवाल के पास बगडिय़ों की ढाणी के किसानों ने। (सभी फोटो-राजेश वैष्णव)

Moti KI kheti sikar

यहां के किसान भगवान सहाय बगडिय़ा व हनुमान बगडिय़ा सीप पालन से मोती तैयार कर रहे हैं। किसान मोती की खेती से सालाना एक करोड़ रुपए कमा रहे हैं।

Moti KI kheti sikar

ये किसान पांच हजार सीप का पालन कर रहे हैं। इनसे करीब दस हजार मोती तैयार होंगे। प्रति मोती बाजार कीमत तीन सौ रुपए है।

Moti KI kheti sikar

किसानों द्वारा करीब एक बीघा में की जा रही मोती की खेती से सालाना आय एक करोड़ रुपए से अधिक होने की उम्मीद है।

Moti KI kheti sikar

जयपुर व अन्य स्थानों के जौहरी मोती खरीदनें को तैयार ही नहीं बल्कि मोती तैयार होने से पहले ही खरीददारों के फोन आने शुरू हो गए हंै।

Moti KI kheti sikar

पानी में रहने वाले सीप से मोती तैयार किए जाते हैं। सीप केरल,नागपुर आदि स्थानों से मंगवाई जाती है। एक सीप में दो मोती तैयार होते है।

Moti KI kheti sikar

मोती के बीज सीप में डालकर उन्हे चौबीस घंटे बिना खुराक के साफ पानी में तथा चार पांच दिनों तक दवायुक्त व खुराक वाले पानी में सीप को छोड़ा जाता है।

Moti KI kheti sikar

बाद में उन्हें जालीनुमा स्टेण्ड में टांगकर सीप को पानी के होद में लटकाया जाता है। सीप अपनी लार छोड़ती है वह बीज पर परत के रूप मे जमती रहती है और करीब दस बारह माह बाद सीप में रखी प्रतिमा या मोती (बीज) पर चमक आ जाती है।

Moti KI kheti sikar

सीप की खुराक का खर्च बहुत ही मामूली है। यूरिया आदि मिलाकर एक होद में डाला जाता है। पानी हरे रंग का सिवाल वाला हो जाता है उसके बाद सीप रखे होद में इस हरे पानी को मिलाया जाता है।

Moti KI kheti sikar

सीप मरने के बाद उसके अंदर का मांस पकाने के लिए होटल में बेच दिया जाता है तथा ऊपर का कठोर कवर खिलौने व सजावट के काम आता है।