
सीकर.
करीब एक महीने पहले मोबाइल सेंटर से 50 लाख के मोबाइल व चार लाख रुपए नगद चुराने वाला गिरोह घटना से पहले दिन में शहर के अंदर खरीदारी करता रहा। शौरूम आदि पर घूमकर नए कपड़े खरीदे और रात होने का इंतजार किया। इसके बाद मौका लगने और पुलिस की गश्त खत्म होते ही ये सब एक साथ कार में सवार होकर निकले तथा वारदात को अंजाम देकर पार हो गए। हालांकि गिरोह में शामिल मास्टर माइंड व उसके एक गुर्गे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इनके एक और साथी को पुलिस दबोचने का प्रयास कर रही है। इनके पास चुराए हुए मोबाइल भी बरामद हुए हैं। जिनको लेकर पुलिस की टीम शुक्रवार सुबह सीकर पहुंचेगी। इसके बाद शहर की इस बड़ी चोरी का खुलासा पुलिस अधिकारियों द्वारा किया जाएगा।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पकड़ में आए आरोपी हरियाणा के बताए जा रहे हैं। जिन्होंने पहले शहर में स्थित एक दुकान से नए कुर्ते-पायजामे खरीदे थे। हालांकि पुलिस को अफसोस है कि कपड़े बेचने वाले शोरूम मालिक ने इनकी जानकारी समय पर नहीं दी। अन्यथा आरोपी पहले दबोचे जा सकते थे। गौर तलब है कि पुलिस इस प्रकरण में तीन उन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा चुकी है। जिनके पास चोरी किए हुए मोबाइल मौके पर बरामद हुए थे। इनमें एक मोबाइल नंबरों के इवीइएम नंबर तोडऩे में माहिर था। इन्हीं को आधार बनाकर पुलिस आरोपियों के पीछे जुटी रही और कई बार दबिश देने के बाद आरोपी उसके हाथ लग पाए। संभावना है कि इनके पकड़ में आ जाने के बाद गिरोह के बाकी सदस्य भी पुलिस से ज्यादा दिन छुप नहीं पाएंगे।
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बच्चे करते हैं रैकी
आरोपियों को दबोचने वाली टीम में शामिल पुलिस अधिकारी ने बताया कि इनके क्षेत्र में दबिश देने के दौरान एक बारगी तो उनके भी पसीने छूट गए थे। पूरा क्षेत्र छान मारा था लेकिन, आरोपियों का सुराग नहीं लगा और उन्हें दो बार खाली हाथ लौटना पड़ा। क्योंकि पुलिस की टीम जैसे ही इनके गांव की तरफ रूख करती तो इनको पहले भनक लग जाती और वे मौका पाकर फरार हो जाते थे। बाद में पता चला कि क्षेत्र के बच्चे गांव के बाहर रैकी करते हैं और पुलिस को देखते ही इसकी सूचना गांव में फैला देते हैं। करीब सौ सवा सौ पुलिस कार्मिकों को साथ लेकर बाद में छापेमारी की गई तो आरोपी हाथ लग गए।
जुर्म के अलग वसूल
आरोपियों को पकडऩे पर पुलिस को पता चला कि पकड़ में आने के बाद भी आरोपी अपना मुंह नहीं खोलते और चोरी के माल की बरामदगी आसानी से नहीं करवाते। क्योंकि इनके अलग वसूल है। इनमें चोरी के माल का सौदा उन्हीं से किया जाता है जिनके पास पुलिस बरामदगी नहीं कर पाती है। अन्यथा गिरोह से जुड़े बाकी लोग भी उसके साथ धंधा करने से किनारा कर लेते हैं। चोरी का माल बरामद करने में दबिश देने गई पुलिस भी यह देखकर चकरा गई थी।
विरोधी हुए सामने
संबंधित संदिग्ध क्षेत्र में अलग-अलग गिरोह से जुड़े लोग शामिल है। पुलिस के अनुसार जब वे कार्रवाई के लिए यहां पहुंचे तो आरोपियों के विरोधी उनके सामने हो गए। हमला किया ताकि पकड़ कर ले जाने वालों के खिलाफ पुलिस और धाराएं लगाकर सख्त कार्रवाई करें और सामने वाला गिरोह कमजोर हो सके।
यह था मामला
29 दिसंबर की रात साढ़े चार बजे तापडिय़ा बगीची के पास सत्यम मोबाइल सेंटर से कार में सवार होकर आए पांच नकाबपोश लोग लाखों के मोबाइल व नगदी चुरा ले गए थे। शातिर चोर दुकान में लगा सीसीटीवी कैमरा भी तोडकऱ उसकी डीवीआर साथ ले गए। ताकि फुटेज के आधार पर आरोपी पकड़ में नहीं आ सके।
Updated on:
01 Feb 2019 12:42 pm
Published on:
01 Feb 2019 12:28 pm
