
सीकर. कर्जा माफी की मांग को लेकर किसानों का रामूकाबास में जयपुर हाइवे (एनएच 52) पर धरना दूसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रहा। किसानों ने शनिवार को प्रदेशभर में चक्काजाम करने की घोषणा की है। इधर, विधानसभा में गृहमंत्री ने जेलों में बंद किसान नेताओं को रिहा करने की घोषणा की है। इसके बाद अमराराम व पेमाराम समेत प्रदेश के 169 किसान नेताओं को रिहा कर दिया गया।
हाईवे बंद होने के कारण शेखावाटी सहित राजस्थान के छह जिलों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इधर, दिनभर प्रशासन किसान नेताओं को वार्ता के लिए बुलाता रहा। लेकिन किसान नेताओं ने वार्ता के लिए मना कर दिया।
किसान नेताओं ने पहले नेताओं को रिहा करने का प्रस्ताव दिया। इस पर सीकर जिला कलक्टर ने राज्य सरकार को सीकर के किसानों की मांग पहुंचाई। आखिर में शाम को किसान नेताओं को रिहा कर दिया गया। किसानों ने कर्जा माफी की मांग पूरा नहीं होने पर शनिवार को प्रदेशभर में चक्काजाम करने का ऐलान किया है।
सीकर में चार आरएएस अधिकारियों को लगाया
सीकर किसान आंदोलन को देखते हुए कार्मिक विभाग ने चार आरएएस अधिकारियों को सीकर लगाया है। जिला कलक्टर नरेश कुमार ठकराल ने बताया कि महावीर सिंह प्रथम, संजय कुमार, मीनाक्षी मीणा व सुरेश यादव को सीकर लगाया है। इनकी सेवाएं पांच मार्च तक जिला कलक्टर सीकर के अधीन रहेगी।
सीकर में बनेगी अस्थाई जेल
किसान आंदोलन के लिए सीकर में जिला प्रशासन ने अस्थाई जेल बनाने के आदेश जारी किए हैं। हालांकि अभी तक प्रशासन ने अस्थाई जेल में की जगह तय नहीं की है।
जयपुर व शेखावाटी में बंद किसान नेताओं की रिहाई
विधानसभा में मामला गूंजने के बाद शुक्रवार शाम को प्रदेशभर की जेलों में बंद 169 से अधिक किसान नेताओं को रिहा कर दिया गया।
दिनभर लोग परेशान, छोटी गाडिय़ों को निकाला
हाइवे पर किसानों के पड़ाव के कारण दूसरे दिन भी रोडवेज बसों का संचालन अन्य मार्गो से हुआ। इस कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि हाइवे से भी छोटे वाहन, एंबुलेंस व सेना की गाडिय़ों को निकाला गया।
चक्काजाम का अंतिम फैसला देर रात को
किसान नेताओं को रिहा तो कर दिया गया है, मगर रात साढ़े आठ बजे तक वे सीकर नहीं पहुंचे थे। इधर, सीकर के रामूकाबास में किसान सडक़ जाम लगाए बैठे रहे। किसानों शनिवार को चक्काजाम का ऐलान कर रखा है। किसान नेताओं की रिहाई के बाद राजस्थान बंद (चक्काजाम) का फैसला टाल दिया गया है या नहीं। इसका फैसला किसान नेताओं का सीकर पहुंचने के बाद होगा।
Published on:
23 Feb 2018, 9:09 PM IST
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