
मैंने सबसे मदद मांगी लेकिन कोई नहीं आया...अब मैं मर रहा हूं, मेरे घरवालों को परेशान ना करें... सुसाइड नोट लिख फंदे पर झूला युवक
लक्ष्मणगढ़.
सूदखोरी में जान गंवाने वाले युवक का शव रखकर परिजनों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। इसके बाद जिम्मेदारों के गिरफ्तार के आश्वासन पर परिजन माने और युवक का शव 24 घंटे बाद उठाया। इससे पहले मृतक के घर के बाहर बड़ी संख्या में लोग इक_ा हो गए और मार्ग को जाम कर दिया। मृतक के परिजनों सहित सर्व समाज व दलों के लोग रैली के तौर पर कस्बे की पुलिस चौकी पहुंचे और धरना देकर बैठ गए थे। यहां उपखंड अधिकारी कुलराज मीना व पुलिस उपाधीक्षक बृजमोहन असवाल ने नामजद आरोपितों को तीन दिन में गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया।
बंद की चेतावनी
राजेश जांगिड़ के परिवार को न्याय दिलाने के लिए कस्बे के मुख्य बाजारों से रैली भी निकली गई। इसके बाद पुलिस चौकी में धरने के दौरान वक्ताओं ने पुलिस को जमकर घेरा। इस दौरान पूर्व पालिकाध्यक्ष दिनेश जोशी, माकपा सचिव बीएस मील, माकपा नेता रामप्रसाद जांगिड़, अभिभाषक संघ के अध्यक्ष बलबीर सिंह, पूर्व अध्यक्ष चिरंजी भूरिया, अधीवक्ता भवानी सिंह, भंवरलाल जांगिड़, आदि ने पुलिस को खरीखोटी सुनाई। इसके बाद सर्वसमाज के लोगों ने तीन दिन में गिरफ्तारी नहीं होने पर कस्बा बंद रखने की चेतावनी दी।
चार पेज का सुसाइड नोट
मरने से पहले राजेश ने एसपी के नाम चार पेज का सुसाइड नोट छोड़ा। जिसमें सुदखोरों के नाम सहित लेन देन का हिसाब लिखा गया। सुसाइड नोट में राजेश ने बताया कि उसने सबसे मदद मांगी लेकिन कोई नहीं आया। अब वे आत्महत्या कर रहा है और इसमें घरवालों को परेशान ना करें।'
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बेपरवाह पुलिस
पुलिस रेकार्ड के तहत पिछले तीन सालों में सूदखोरों से परेशान होकर सैकड़ों लोग थानों में पहुंचे हैं। करीब ढाई सौ मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इसके अलावा आर्थिक स्थिति कमजोर और तंगहाली से परेशान होकर कइयों ने मौत को गले लगाया है। लेकिन, पुलिस के हाथ कई मामलों में सूदखोरों के गिरेबां तक नहीं पहुंचे हैं। गिनती के तीन ही चार मामलों में गिरफ्तारी हो पाई है।
सीकर में कई को किया अनाथ
सूदखोरी में परेशानी भुगतने वाले ममता जैसे कई और भी हैं। इस कारोबार ने जिले की फिजा ऐसी बिगाड़ कर रखी है कि परेशान होने वाले कइयों के बच्चे अनाथ तक हो चुके हैं। लेकिन, पुलिस की जांच अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। जबकि पिछले ही साल जून में सूदखोरी के कारण शहर के एक व्यापारी प्रवीण बूबना की मौत हो गई थी। जुलाई में देवीपुरा रोड का जावेद सूदखोरी से तंग आकर फंासी पर लटक गया था। इसके अलावा दो दिन पहले ही लक्ष्मणगढ़ के वार्ड 28 का व्यापारी राजेश जांगिड़ घर में फंदा लगाकर अपनी जान दे चुका है।
पुलिस के पास अभी तक लिखित में कोई शिकायत नहीं आई है। लेकिन फिर भी मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच कराई जाएगी। -बृजमोहन असवाल, पुलिस उपाधीक्षक, लक्ष्मणगढ़
Updated on:
30 Jan 2019 04:34 pm
Published on:
30 Jan 2019 03:17 pm
