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फतेहपुर, सीकर। फतेहपुर कस्बे में बाइपास पर शुक्रवार को अधजली अवस्था में युवक का शव मोटरसाइकिल के नीचे मिला है। बाइक का काफी हिस्सा भी जल गया है।
जब घटना की सूचना मृतक की मां को मिली तो वह अपने बेटे के लिए रोटियां बना रही थी। रोटियां छोड़ वह रोने लगी और कुछ ही देर में गहरे सदमे व हार्ट अटैक से उसकी वहीं मृत्यु हो गई।
घटना के बाद पूरे गांव में शौक की लहर छा गई। मां-बेटे का एक साथ अलग-अलग चिताओं पर अंतिम संस्कार किया गया।
पुलिस को मृतक के शव के पास से उसका मोबाइल नहीं मिला है, ऐसे में पुलिस हादसे के अलावा हत्या होने की आशंका को देखते हुए भी जांच कर रही है।
फतेहपुर शहर कोतवाल सुरेन्द्र सिंह देगडा ने बताया कि शुक्रवार सुबह पुलिस के पास फोन आया कि बीकानेर से झुंझुनूं जाने वाले बाइपास पर चित्रकूल बालाजी के पीछे मोटरसाइकिल के नीचे एक युवक का शव अधजली अवस्था में है।
बाइक भी आधी से ज्यादा जली हुई मिली। पुलिस ने मोटरसाइकिल की नंबर प्लेट के आधार पर मृतक की पहचान दयाचंद (35) पुत्र हनुमाना राम जाट निवासी वार्ड 47 मंडावा रोड के रूप में की और परिजनों को सूचना दी।
मृतक के बडे भाई ने मृतक दयाचंद की पहचान कर ली। एफएसएल टीम ने घटना स्थल से साक्ष्य व सबूत जुटाए हैं। शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया। मृतक के बडे भाई ने कोतवाली थाना में रिपोर्ट दी है।
जहां घटना हुई, वह बाइपास अभी निर्माणाधीन है, ऐसे में इस पर अधिक वाहन नहीं चलते हैं। मृतक दयाचंद जाट का शव अधजली अवस्था में मोटरसाइकिल के नीचे मिला है।
कमर से नीचे का हिस्सा पूरी तरह से जल गया था और ऊपर का हिस्सा कम जला है, चेहरा नहीं जलने से मृतक की शिनाख्त आसानी से हो गई। घटना स्थल पर किसी तरह के खरोंच या सड़क पर मोटरसाइकिल के रगडक के निशान नहीं मिले हैं।
पुलिस व एफएसएल टीम को सडक पर थोडी दूर में खून बहने के निशान भी मिले हैं। ऐसे में पुलिस सूत्र इस पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध मान रहे हैं।
मृतक दयाचंद के दो भाई ,एक बहन है। वह छोटा था और अविवाहित था। मृतक के भाई ने बताया कि उसका भाई दयाचंद किसी तरह के नशे का आदि नहीं था। वह बिजली मिस्त्री का काम करता था ।
गुरूवार शाम सात बजे वह घर से मशीन लेकर निकला था। दयाचंद ने गुरूवार रात 2.30 पर मृतक ने अपनी बुआ को फोन किया था परन्तु उसके बात समझ में नही आई और फोन कट गया।
मृतक ने आखरी फोन थेथलियां निवासी अपनी भांजी को किया था। भांजी ने बताया कि जब उनका फोन आया तो दो-तीन लोगों की आवाज सुनी लेकिन फोन में उन्होंने क्या कहा यह स्पष्ट नहीं सुन पाई।
परिजनों ने बताया कि दोपहर में मृतक की मां सिणगारी देवी (70) अपने बेटे के लिए रोटियां बनाने के लिए आटा लगा रही थी। तभी मोहल्ले की एक महिला उनके घर आई और महिला ने खाना बनाने के बारे में पूछा।
मृतक के मां ने कहा यह खाना वह बेटे के लिए बना रही है। महिला ने कहा कि आपके बेटे की तो मौत हो गई है। इतने में ही मृतक की मां रोने लगी और रोते- रोते हार्ट अटैक आने से उसकी मौत हो गई।
Updated on:
11 Oct 2025, 2:06 PM IST
Published on:
11 Oct 2025, 2:04 PM IST
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