
कानूनगो हत्याकांड
राजस्थान के फतेहपुर थाने के पुलिस इंस्पेक्टर मुकेश कानूनगो और सिपाही रामप्रकाश की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में आज कोर्ट ने फैसला सुनाया। कोर्ट पुलिस इंस्पेक्टर मुकेश कानूनगो और रामप्रकाश की हत्या के आरोप में सात बदमाशों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वर्ष 2018 में सीकर के फतेहपुर में हुए जघन्य कांड से पूरा राजस्थान कांप उठा था। बदमाशों ने फतेहपुर थानाधिकारी मुकेश कानूनगो व सिपाही रामप्रकाश की हत्या कर दी थी। पूरा पुलिस प्रशासन सकते में आ गया था। आखिरकार पुलिस टीम ने एकजुटता दिखाकर बदमाशों को मुंबई, पूना सहित अलग-अलग स्थानों से पकड़ा। हत्याकांड में शामिल बदमाश अजय चौधरी, जगदीप धनकड़, दिनेश उर्फ लारा, ओमप्रकाश, कैलाश नागौरी सहित अन्य बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया था।
मुकेश की पहली पोस्टिंग 1996 में सब-इंस्पेक्टर के रूप में हुई थी। और बाद में उन्हें इंस्पेक्टर रैंक पर पदोन्नत किया गया था। पुलिस इंस्पेक्टर मुकेश कानूनगो ने सितंबर में फ़तेहपुर स्टेशन हाउस ऑफिसर का कार्यभार संभाला। और क्षेत्र में गैंगस्टरों की गतिविधियों पर नज़र रखना शुरू कर दिया था।
मुकेश कानूनगो हत्या का मामला...
वर्ष 2018 की बात है। सीकर के फतेहपुर कोतवाली थाना प्रभारी मुकेश कानूनगो को वांटेड बदमाश अजय चौधरी व उसकी गैंग के फतेहपुर में होने की सूचना मिली थी। इस पर थानाप्रभारी मुकेश कानूनगो ने कांस्टेबल रामप्रकाश व दो अन्य सिपाहियों के साथ बदमाशों काे ट्रेस किया। कुछ समय बाद दोनों का आमना सामना हो गया। बदमाश अजय चौधरी ने फायरिंग शुरू कर दी। जिसमें मुकेश कानूनगो के गले में और कांस्टेबल रामप्रकाश के सीने में गोली लगी। दोनों को सीकर के जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इससे पुलिस महकमे में शोक छा गया।
Updated on:
11 Jul 2023, 4:49 PM IST
Published on:
11 Jul 2023, 4:41 PM IST
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