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Patrika Impact : नशेड़ियों को ढूंढेगी सीकर पुलिस, हुक्का बार की भी खैर नहीं

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sikar police

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सीकर. बाल कल्याण व संरक्षण से जुड़ी पुलिस समीक्षा बैठक में मंगलवार को जिले में कई जगह अवैध हुक्काबार संचालित होने और धार्मिक जगहों पर नशेडिय़ों के नशा करने का फीडबैक मिला। जिसमें सदस्यों ने जानकारी उपलब्ध कराई कि कई जगह बच्चों को नशे के दलदल में धकेला जा रहा है। इसके साथ होटल व रेस्टोरेंट में बालश्रम भी करवाया जा रहा है। फीडबैक के आधार पर पुलिस ने नशे व बालश्रमिकों को मुक्त कराने के लिए कार्य योजना तैयार की है। जिस पर सर्वे कराकर इनकी रोकथाम के निर्देश पुलिस के आला अधिकारियों ने दिए हैं।


पुलिस नियंत्रण कक्ष सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक डा. तेजपाल सिंह ने कहा कि फीडबैक में सदस्यों ने धार्मिक स्थल सहित विशेष तौर पर सांवली रोड पर हुक्काबार चलने की बात कही है। जिसका सर्वे कराकर कार्रवाई की योजना तैयार की गई है। इसके अलावा पिपराली व नवलगढ़ रोड पर होटल व रेस्टोरेंट पर बालश्रम की जानकारी भी आई है। ऐसे में इन जगहों पर भी कार्रवाई कर बाल श्रमिकों को मुक्त कराया जाएगा।

बैठक के दौरान बाल कल्याण समिति के सदस्य कमल शर्मा ने मांग उठाई कि पुलिस की अनदेखी के कारण हुक्काबार नशे के अड्डे बनने लगे हैं। धार्मिक स्थलों पर नशा करने की बात सामने आई है। ऐसे में इन पर भी रोकथाम व खाटूश्यामजी में बालश्रम पर काम करने की प्राथमिकता पर बल दिया। बैठक में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डा. रतनलाल मिश्रा, गिरवर सिंह झाझड़, मानव तस्करी यूनिट के प्रभारी राजीव राहड़, एसीएसटी सेल के डिप्टी जय सिंह तंवर सहित थानों के बाल कल्याण अधिकारी उपस्थित थे।


झुग्गी झोपडिय़ों में जाना होगा


बैठक में थानों के बाल कल्याण अधिकारियों को पाबंद किया गया कि उन्हें बालश्रम पर महीने में एक कार्रवाई करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा वे लोग स्कूल व झुग्गी झौपडिय़ों में जाकर बाल श्रमिकों का निरीक्षण करेंगे। वे वहां रहने वाले छोटे बच्चे व उनके परिजनों से वार्ता करेंगे कि उनके लिए क्या विशेष प्रयास पुलिस द्वारा किए जा सकते हैं।


व्यापारी नहीं लाए बालश्रमिक


व्यापार महासंघ के अध्यक्ष रूघजी चौधरी से कहा गया कि वे व्यापारियों से संपर्क कर उन्हें जागरूक करने का प्रयास करेंगे। ताकि कोई भी व्यापारी अपने यहां काम कराने के लिए बाल श्रमिक नहीं लाएं। अन्यथा उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। सदस्यों ने नई पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए उन्हें संस्कार देने की जरूरत जताई।


पत्रिका के मुद्दे पर एक्शन


राजस्थान पत्रिका की टीम ने स्टींग कर धार्मिक स्थल व हाइवे किनारे स्थित होटलों में गांजा बिकने और उसका सेवन होने की खबर प्रकाशित कर पुलिस प्रशासन को पहले ही अवगत करा दिया था। जिसकी पुष्टि समीक्षा बैठक में भी खुले तौर पर देखने को मिली।