
मुंबई से आया कारीगर नौकरी के पहले ही दिन चुरा ले गया 8 लाख का सोना, पांच मिनट में हुआ पार तो पुलिस बोली- बिना पते के कैसे पकड़े
सीकर.
ज्वैलरी काम के लिए नौकरी पर आया कारीगर पहले ही दिन महज पांच मिनट के अंतराल में दुकान से करीब आठ लाख का सोना लेकर पार हो गया। हालांकि घटना का पता लगने पर दुकानदारों ने उसका पीछा भी किया। लेकिन, गलियों में गच्चा देकर वह सालासर बस स्टैण्ड की तरफ भाग छूटा। मार्केट के दुकानदारों का कहना था कि पिछले डेढ़ साल में यहां तीन दुकानों से दस लाख का सोना चुराकर कारीगर भाग चुके हैं। कारीगरों का वेरिफिकेशन नहीं होने पर पुलिस इनको पकड़ भी नहीं पा रही है। जानकारी के तहत धोद रोड रहने वाले रणजीत बंगाली की सुभाष चौक स्थित महालक्ष्मी मार्केट में ज्वैलरी की दुकान है। उसने अपनी दुकान पर नौकरी के लिए सोमवार को मुंबई से कारीगर मंगवाया था। जो, बंगाल का रहने वाला था। मंगलवार सुबह जब रणजीत अपने ***** और उस कारीगर के साथ दुकान पहुंचा। यहां सोना आदि रखकर रणजीत तो किसी ग्राहक को कुछ सामान देने के लिए बाहर चला गया। इसका ***** मोंटू सफाई के बाद पानी लेने चला गया। पीछे से कारीगर ने दुकान में रखा सोना अपनी जेब में डाला और किसी के नहीं देखने पर दुकान से भाग छूटा। दुकानदार रणजीत ने बताया कि दराज में 250 ग्राम सोना था। जिसमें 60 ग्राम की चार सोने की चूडिय़ां थी और 190 ग्राम पक्के सोने की प्लेट थी। जिसको कारीगर पांच मिनट के अंतराल में चुरा ले गया। पुलिस के पास रिपोर्ट लिखाने पहुंचा तो उसने कारीगर का पता पूछा। मालूम नहीं होने पर कहा कि बिना अते-पते के चोर को पकडऩे कहां जाए। हालांकि चोरी की शिकायत बाद में पुलिस ने ले ली और आरोपी कारीगर ने अपना मोबाइल बंद कर लिया है।
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दलाल ने भेजा कारीगर
पीडि़त रणजीत ने बताया कि वह खुद बंगाली है और सालों पहले यहां ज्वैलरी का काम सीखा। इसके बाद मेहनत कर बड़ी मुश्किल से दुकान खरीद कर खोली। ग्राहकों को सुंदर ज्वैलरी घड़ाकर देने के लिए उसने पड़ौसी दुकानदार से एक कारीगर उपलब्ध कराने की बात कही। पड़ौसी दुकानदार ने एक दलाल से संपर्क कर मुंबई से कारीगर बुला दिया। रणजीत के अनुसार कारीगर उसके पास सोमवार को ही घर पहुंचा था। सफर से थका हारा होने के कारण मैने उसे आराम कर अगले दिन दुकान संभालने की बात कही थी। लेकिन, आते ही पहले ही दिन वह सोना चुरा ले गया। इसकी शिकायत पड़ौसी दुकानदार से करने पर उसने दलाल को कारीगर की करतूत बताई है। इस पर दलाल ने हुगजी जिले के कारीगर मिराज को पकडऩे का भरोसा दिलाया है।
कोट खोलकर भागा
दुकान खोलने के बाद मुंबई से आए कारीगर की निगाह यहां रखे सोने पर थी। दुकान जैसी ही सूनी हुई उसने दराज खोलकर सोना अपने पास छुपा लिया। इसके बाद खुद का कोट खोलकर वहीं छोड़ दिया। ताकि कोट यहीं देखने पर दुकानदार को लगे कि वह कहीं आस-पास ही गया है और लौट आएगा। इधर, पीछा नहीं करने पर वह बहुत दूर उनके हाथ से निकल जाएगा।
पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी फुटेज
घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले। चोर कारीगर के फुटेज जुटाकर अपने साथ ले गई। लेकिन, आरोपी का सुराग नहीं लगा पाई। दुकानदार रणजीत भी अपने कारीगर की आइडी नहीं ले पाया था।
हर बार हो रहा हादसा
मार्केट के दुकानदार मोनू सोनी का कहना था कि मार्केट में बंगाली कारीगर काम के लिए आते रहते हैं और हर बार घटना को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। पुलिस के कहने के बाद भी दुकानदार अपने पास रखने वाले बाहरी कारीगरों का वेरिफिकेशन नहीं कराते हैं। जबकि मार्केट के दूसरे दुकानदार राजेश के यहां महीनेभर पहले आया कारीगर उसकी दुकान से 80 हजार का सोना चुरा ले गया था। दुकानदार गोपालदास ने बताया कि डेढ़ साल पहले उसकी दुकान से कारीगर करीब एक लाख का सोना ले उड़ा था।
Updated on:
30 Jan 2019 04:35 pm
Published on:
30 Jan 2019 02:36 pm
