करण विजय घोड़ा पालन की तीन पीढ़ी की परंपरा निभा रहे हैं। दादा गोविंद सिंह के गोविंद स्टड फार्म के बाद पिता ब्रह्मदेवसिंह व भाई कर्नल भोपालसिंह और दिग्विजय सिंह शेखावत ने भी इस परंपरा को आगे बढ़ाया। अब वे खुद इस परंपरा को निभा रहे हैं। इसके लिए अजमेर मेयो कॉलेज से स्नातक के बाद उन्होंने अमरिका में स्टड मैनेजमेंट का कोर्स कर केंटकी, आयरलैंड, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया, नैनोली स्टड फार्म, पुणे सहित सात देशों में कार्य का अनुभव बढ़ाया और फिर अपनी माटी के लगाव से वापस खूड़ी खिंचे चले आए।