4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सेवानिवृत्त थानेदार के गेस्ट हाउस में पुलिस का छापा, कांस्टेबल चालक की शह पर चल रहा जुआ रैकेट पकड़ा

एक आरोपी को गिरफ्तार कर कम्प्यूटर सेट, हिसाब की डायरी व अन्य सामग्री की बरामद
3 min read
Google source verification
sirohi

sirohi

सिरोही/आबूरोड. आबूरोड सदर थाना पुलिस ने शनिवार को अप्सरा गेस्ट हाउस में दबिश देकर जुआ रैकेट पकड़ा है। जुआ का रैकेट पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त एक उप निरीक्षक के गेस्ट हाउस में कांस्टेबल की शह पर चल रहा था। हालांकि, थाना पुलिस ने जांच का हवाला देते हुए कांस्टेबल के नाम का खुलासा करने से इनकार कर दिया। पुलिस ने बताया कि सदर थाना क्षेत्र के तलहटी में एक गेस्ट हाउस में कम्प्यूटर के जरिए ऑनलाइन जुआ खिलाने की सूचना मिली थी। जिस पर एक डमी ग्राहक को भेजा गया। जिसमें पुष्टि होने पर पुलिस टीम ने गेस्ट हाउस में दबिश दी। जहां ऑनलाइन जुआ खिलाने वाले आबूरोड निवासी रियाजुद्दीन को गिरफ्तार किया गया। वहीं ५ कम्प्यूटर सेट व अन्य सामग्री जब्त की। पुलिस ने जुआ हिसाब की एक डायरी भी बरामद की है।
जिसकी प्रारम्भिक पड़ताल में करीब १७ हजार रुपए का जुआ हिसाब मिला है।
कांस्टेबल ने ही
लगाया था सेटअप!
पुलिस की प्रारम्भिक पड़ताल में ऑनलाइन जुआ रैकेट का संचालन करने का सेटअप पुलिस के एक कांस्टेबल चालक की ओर से लगाया जाना सामने आया है। हालांकि, पुलिस ने जांच का हवाला देते हुए कांस्टेबल का नाम उजागर करने से इनकार किया है।
सदर थाने में ही
तैनात था!
सूत्रों का कहना है कि कांस्टेबल चालक सदर थाने में ही तैनात था और अब माउंट आबू थाने में है। ऐसे में खुद के थाना क्षेत्र में ही जुआ का कारोबार संचालित करना शुरू कर दिया। लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लगी।
पिछले दिनों एसपी की ओर से कांस्टेबल की तबादला सूची जारी की गई थी।
जिसमें इस कांस्टेबल का स्थानान्तरण आबूरोड सदर से माउंट आबू पुलिस थाने में कर दिया गया। लेकिन उसने यहां जुआ का रैकेट संचालित करना जारी रखा।

थाना प्रभारी बदलते ही खुला राज
कांस्टेबल की शह पर जुआ कारोबार संचालित करने को लेकर सदर थाना पुलिस की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में आ गईहै। इसी थाने में पदस्थापित कांस्टेबल की ओर से जुआरियों से सांठ-गांठ के साथ-साथ खुद ही ऑनलाइन जुआ सेटअप लगाने में सलिप्त था, तो पुलिस को भनक क्यों नहीं लगी? लेकिन आबूरोड सदर थाना प्रभारी बदलते ही कांस्टेबल की शह पर चल रहे इस रैकेट का राज खुल गया।

किराए पर लिया
था कमरा
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने ऑनलाइन जुआ रैकेट संचालित करने को लेकर सेवानिवृत्त उप निरीक्षक जीवनराम देवासी के गेस्ट हाउस में एक कमरा किराया पर लिया था। जिसमें कम्प्यूटर सेट स्थापित किए गए थे।
कांस्टेबल का नाम उजागर क्यों नहीं?
पुलिस ने यह तो साफ तौर पर स्वीकार किया है कि ये जुआ रैकेट एक कांस्टेबल की शह पर चल रहा था और सारा सेटअप उसने ही लगाया था फिर तो फिर पुलिस उसका नाम उजागर क्यों नहीं कर रही? कहीं उसे बचाने का प्रयास तो नहीं किया जा रहा?


इनका कहना है...
&यहां एक गेस्ट हाउस में जुआ खेलने की शिकायत मिली थी। डमी ग्राहक भेजकर सत्यापन के बाद दबिश दी गई। जहां एक कमरे में कम्प्यूटर सेट स्थापित कर जुआ खिलाना सामने आया। जिस पर सामग्री जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। गेस्ट हाउस में एक सेवानिवृत्त पुलिस उप निरीक्षक का है। प्रारम्भिक तौर पर जुआ का रैकेट एक कांस्टेबल की शह पर संचालित करना सामने आया है। फिलहाल, कांस्टेबल का नाम उजागर नहीं कर सकते हैं।
अनिल बिश्नोई, थाना प्रभारी, आबूरोड सदर


माउंट में भी कार्रवाई, ३३ हजार २०० रुपए की जुआ राशि जब्त
माउंट आबू. थाना पुलिस ने जुआ खेलते सात जनों को गिरफ्तार किया। थाना प्रभारी अमरसिंह रतनू ने बताया कि गश्त के दौरान कालाछपरा में माउंट आबू निवासी शंकरलाल, फतू टीकमदास, जगताराम, किशनलाल, अनादरा निवासी फताराम, मनाराम मीणा, भारजा निवासी चम्पक प्रजापत को ताश पत्तों से जुआ खेलते पाया गया। जिनसे ३३ हजार २०० सौ रुपए व जुआ सामग्री जब्त कर तहत गिरफ्तार किया गया। वहीं मौके पर खड़ी दो लग्जरी कार व मोटरसाइकिल को भी सीज किया गया।