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municipal by-election: भाजपा-कांग्रेस में सेंधमारी, निर्दलीय प्रत्याशी सुरेन्द्र मेवाड़ा ने बाजी मारी

भाजपा 4 और कांग्रेस 3 मतों पर सिमटी, निर्दलीय प्रत्याशी ने 13 मतों के भारी अंतर से जीत दर्ज की
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सिरोही

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Satya Prakash Sharma

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Updated: 11 Nov 2022, 2:35 PM IST

municipal by-election: भाजपा-कांग्रेस में सेंधमारी, निर्दलीय प्रत्याशी सुरेन्द्र मेवाड़ा ने बाजी मारी

municipal by-election: भाजपा-कांग्रेस में सेंधमारी, निर्दलीय प्रत्याशी सुरेन्द्र मेवाड़ा ने बाजी मारी

Breach in BJP-Congress, independent candidate Surendra Mewada becomes municipal chairmanपिण्डवाड़ा(सिरोही)। सिरोही जिले की पिण्डवाड़ा नगरपालिका में चेयरमैन पद के लिए हुए उपचुनाव में भाजपा व कांग्रेस दोनों पार्टियों में सेंधमारी कर निर्दलीय प्रत्याशी सुरेन्द्र मेवाड़ा ने एक तरफा जीत दर्ज कर चेयरमैन सीट पर कब्जा जमाया। निर्दलीय प्रत्याशी सुरेन्द्र मेवाड़ा ने दोनों पार्टियों के खेमों में सेंध लगाते हुए कुल 17 मत हासिल कर 13 मतों के भारी अंतर से जीत दर्ज की। उपचुनाव में दोनों पार्टी प्रत्याशी खुद के सभी पार्षदों के भी वोट हासिल नहीं कर पाए और कुछ ही मतों पर सिमट कर रह गए। इससे दोनों ही पार्टियों की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई।

यहां नगरपालिका में चेयरमैन पद के उपचुनाव को लेकर गुरुवार को मतदान हुआ। सुबह 11 बजे निर्दलीय प्रत्याशी सुरेंद्र मेवाड़ा बाड़ाबंदी के बीच कांग्रेस के पांच, भाजपा के 8 और तीन निर्दलीय सहित कुल 17 पार्षदों के साथ नगर पालिका कार्यालय में मतदान करने पहुंचे। दोपहर 1.45 बजे भाजपा के पूर्व पालिका नगर अध्यक्ष जितेंद्र प्रजापत भाजपा प्रत्याशी नीता चौहान के साथ पहुंचे। साथ ही कांग्रेसी पार्षदों ने भी मतदान किया। ऐसे में 25 में से कुल 24 पार्षदों ने मतदान किया। जबकि एक ने मतदान नहीं किया।

दोपहर 2 बजे मतदान की समयावधि पूर्ण होने चुनाव अधिकारी हंसमुख कुमार ने मतगणना के बाद चुनाव परिणाम की घोषणा की। जिसमें निर्दलीय प्रत्याशी सुरेंद्र मेवाड़ा को 17 मत, भाजपा प्रत्याशी नीता चौहान को 4 मत और कांग्रेस प्रत्याशी चेलाराम देवासी को 3 मत मिले। ऐसे में निर्दलीय पार्षद सुरेंद्र मेवाड़ा 13 मतों के भारी अंतर से विजेता रहे। इस चुनाव में पत्रिका की चुनाव पूर्व प्रकाशित खबरों पर मुहर लग गई है।

चहुंओर जीत का छाया उल्लास, समर्थकों ने मनाया जश्न

इधर, निर्दलीय प्रत्याशी मेवाड़ा के नगरपालिका चेयरमैन बनने पर क्षेत्र में चहुंओर उल्लास छा गया। विजेता के परिजनों, समर्थकों व कार्यकर्ताओं ने जीत का जश्न मनाया। साथ ही विजेता रहे चेयरमैन का माला पहनाकर अभिनंदन किया।

दोनों पार्टियों की अन्तर्कलह उजागर, भाजपा 4 और कांग्रेस 3 मतों पर सिमटी

उपचुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के जीत दर्ज करने के साथ ही भाजपा व कांग्रेस दोनों पार्टियों की गुटबाजी व अन्तर्कलह भी खुलकर सामने आ गई। नगरपालिका में कुल 25 पार्षदों में 13 पार्षद भाजपा और 8 पार्षद कांग्रेस के है। जबकि निर्दलीय महज 4 पार्षद है। इसके बावजूद निर्दलीय प्रत्याशी ने 17 मत हासिल कर 13 मतों के भारी अंतर से जीत दर्ज कर दोनों पार्टियों को पटखनी दे दी। क्रॉस वोटिंग के जरिए जीत दर्ज करने वाले निर्दलीय प्रत्याशी मेवाड़ा की जीत से चहुंओर खुशी की लहर रही।

नहीं दिखे दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता

आमतौर पर नगर पालिका चुनाव के नतीजे जानने के लिए कांग्रेस व भाजपा के कार्यकर्ता पहुंचते हैं लेकिन इस उपचुनाव में सेंधमारी नजर आने से चुनाव घोषणा के दौरान दोनों ही पार्टियों के कार्यकर्ता भी नजर नहीं आए। इधर, पुलिस व प्रशासन के पुख्ता इंतजाम के बीच चुनाव शांतिपूर्ण सम्पन्न हुए।

पद गंवाने के बाद भी नहीं लिया सबक

सबसे अहम बात यह कि कई वर्षों से इस क्षेत्र को भाजपा का गढ़ माना जाता रहा है। 2 वर्ष पूर्व भी भाजपा के पूर्ण बहुमत में आने से जितेंद्र प्रजापत नगरपालिका अध्यक्ष बने थे। लोगों में चर्चा है कि जीत के बाद शहर में विकास पर ध्यान नहीं देने से पार्षदों को जनता की खरी-खोटी सुननी पड़ती थी। जिसके चलते भाजपा के पार्षदों में ही गुटबाजी होने लगी और फिर कांग्रेस व निर्दलीयों के साथ मिलकर अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया। जिसके चलते भाजपा को चेयरमैन का पद गंवाना पड़ा। इसके बाद भी पार्टी नेताओं के सबक नहीं लेने से अब हुए उपचुनाव में भी वहीं गुटबाजी खुलकर सामने आ गई। इधर, इस उपचुनाव में कांग्रेसी पार्षदों में भी गुटबाजी नजर आई।