नगरपालिका के कर्मचारी रस्सा लेकर मौके पर पहुंचे। अन्य कोई तैराक नहीं होने पर सिपाही शंभू को बच्चे तक पहुंचने व रस्सा लाने, बांधने के लिए करीब 100 मीटर दूर चट्टान तक पांच फेरे करने पड़े। शंभू ने चट्टान के पास बड़ी झाड़ी से रस्सा बांधा। नदी किनारे कांस्टेबल श्रवण, पालिकाकर्मी व अन्य लोग रस्से को कसकर पकड़कर खड़े हो गए और फंसे बालक को सुरक्षित बाहर निकाला।