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पायलट का आरोप- मीना और मीणा के नाम पर विवाद पैदा कर बीजेपी ने हजारों युवाओं को किया नौकरियों से वंचित

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Sachin Pilot addressed tribal sammelan in Sirohi

सरूपगंज/ सिरोही। सिरोही जिले के सरूपगंज में जोधपुर संभाग के आदिवासी सम्मेलन को पायलट ने सोमवार को संबोधित किया। पायलट ने इस दौरान बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने पूर्वी राजस्थान में एक नया विवाद ला खड़ा किया। मीना और मीणा में अक्षर के भेद से एक बड़ा विवाद हो गया। टकराव की स्थिति पैदा हो गई। इससे प्रशासन ने सर्टिफिकेट देना बंद कर दिया। हजारों बच्चों को नौकरियों से वंचित रखा।


आदिवासी जमकर करें वोट
पायलट ने कहा कि अब हमारे आदिवासी भाई जमकर कांग्रेस को वोट करेंगे। हमें पूरे समर्थन से सत्ता में लाएंगे। पायलट ने कहा कि पिछले 70 सालों में जो काम नहीं हुए। आदिवासियों के लिए कल्याण के वे सभी कार्य कांग्रेस पार्टी करवाएगी। राजस्थान के एसटी समाज के लोगों को लगेगा कि ये कांग्रेस की नहीं, हमारी सरकार है, जिसने हमारे भले के लिए काम किए। आप विकास में भागीदार होंगे। आपको सुरक्षा मुहैया करवाने का कांग्रेस पार्टी करेगी।

भाजपा सरकार पर बरसे पायलट
पायलट ने भारतीय जनता पार्टी को शोषण व अत्याचार करने वाली सरकार बताया। पायलट ने आरोप लगाया कि वसुंधरा सरकार ने लोगों को परेशान किया है। उनकी जमीन पर अधिग्रहण किए हैं।

3500 रूपए के बेरोजगारी भत्ते का आश्वासन
पायलट ने अपने उद्बबोधन में आदिवासियों से कहा कि वे युवा जो शिक्षित हैं, लेकिन बेरोजगार हैं और उन्हें किसी वजह से ऋण नहीं मिल पाया। ऐसे लोगों को कांग्रेस पार्टी 3500 रूपए का भत्ता हर महीने देने जा रही है। लोगों को उन्होंने कहा कि ये मेरी निजी घोषणा नहीं, बल्कि पार्टी के मेनिफेस्टो में ये बात शामिल होगी।

दूसरी ओर राजस्थान गौरव यात्रा के शेखावाटी दौरे के दौरान सीकर की सभा में पूर्व विधायक राजकुमारी शर्मा की भी घर वापसी तय मानी जा रही है।

भाजपा के सूत्र बताते हैं कि शर्मा अपने समर्थकों के साथ पार्टी का चुनाव चिन्ह कमल का दामन थाम सकती है। ऐसे संकेत मिल रहे हैं लेकिन उनके राजनीतिक विरोधी इस फैसले से खुश नहीं लगते हैं। जिले की राजनीति के बड़े नेेताओं के माध्यम से ऐसे संकेत मिले हैं कि उनको पार्टी में फिर से शामिल किया जाय। यह अब शाम का वक्त तय करेगा कि ऊंट किस करवट बैठता है।

बागी होकर लड़ा था चुनाव
उल्लेखनीय है कि राजकुमारी शर्मा पहले भी भाजपा में ही थीं। भाजपा की टिकट से चुनाव जीत कर सीकर की विधायक भी रह चुकी हैं। अगले चुनाव में भाजपा का टिकट नहीं मिलने पर बागी होकर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरी।