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नगरपालिका अध्यक्ष पद के चुनाव की तस्वीर हुई साफ, भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय के बीच होगा त्रिकोणीय मुकाबला

तीनों प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित
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सिरोही

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Mahendra Vaghela

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Updated: 8 Nov 2022, 3:24 PM IST

पिण्डवाडा. प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित करने की प्रक्रिया पूर्ण करते निर्वाचन अधिकारी।

पिण्डवाडा. प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित करने की प्रक्रिया पूर्ण करते निर्वाचन अधिकारी।

पिण्डवाड़ा. नगरपालिका पिण्डवाड़ा में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सोमवार को नामांकन वापसी के दिन किसी भी प्रत्याशी के नामांकन वापस नहीं लेने पर अब चुनावी मैदान में डटे उम्मीद्वारों की तस्वीर साफ हो गई है। नगरपालिका में चेयरमैन पद के लिए भाजपा व कांग्रेस दोनों पार्टियों के साथ ही एक निर्दलीय सहित कुल 3 प्रत्याशी मैदान में भाग्य आजमा रहे हैं। इनमें भाजपा से नीता चौहान, कांग्रेस से चेलाराम देवासी और सुरेंद्र मेवाड़ा उर्फ पिंटू मेवाड़ा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में है। नगर पालिका कार्यालय में चुनाव निर्वाचन अधिकारी हंसमुख कुमार ने सोमवार दोपहर 3 बजे नाम वापसी की समयावधि पूरी होने तक किसी भी प्रत्याशी के नामांकन वापस नहीं लेने पर अंतिम सूची प्रकाशित कर चुनाव चिन्ह आवंटित किए। जिसमें भाजपा प्रत्याशी नीता चौहान को कमल का फूल, कांग्रेस प्रत्याशी चेलाराम देवासी को हाथ का पंजा और निर्दलीय प्रत्याशी सुरेंद्र मेवाड़ा उर्फ पिंटू मेवाड़ा को किसान ट्रैक्टर चलाते का चुनाव चिन्ह आवंटित किया है। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी ने बताया कि 10 नवंबर को नगर पालिका कार्यालय में चुनाव होगा। सभी निर्वाचित पार्षद गुरुवार सुबह 10 बजे नगर पालिका के सभा भवन में पहुंचकर दोपहर 2 बजे तक मतदान कर सकेंगे। मतदान के बाद चुनाव परिणाम की घोषणा की जाएगी।

दोनों पार्टी प्रत्याशियों पर भारी निर्दलीय

सूत्रों की माने तो नगरपालिका अध्यक्ष के चुनाव को लेकर हो रहे इस घमासान में भाजपा व कांग्रेस दोनों पार्टी के प्रत्याशियों पर निर्दलीय प्रत्याशी भारी पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि करीब 17 पार्षद भूमिगत हो गए हैं। इनमें निर्दलीय के साथ ही पार्टी के पार्षद भी है। ऐसे में जीत को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। अब देखना यह है कि भाजपा अपनी कौनसी रणनीति अपनाती है और कांग्रेस का पलड़ा कमजोर होने के बावजूद कोई उलटफेर कर पाती है या पालिका अध्यक्ष चुनाव की औपचारिकता का हिस्सा बनकर रह जाएगी।