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सीतापुर में दो ट्रेनों के इंजन पटरी से उतरे, इंजीनियर निलंबित

थामसनगंज यार्ड के निकट दो ट्रेनों के इंजन पटरी से उतर गए। इससे रेलवे में हड़कंप मच गया।

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Engineers suspended

Engineers suspended

सीतापुर. थामसनगंज यार्ड के निकट दो ट्रेनों के इंजन पटरी से उतर गए। इससे रेलवे में हड़कंप मच गया। इंजन पटरी से उतरने की सूचना पर मौके पर रेलवे के अधिकारी पहुंच गए और जांच शुरू कर की। मालूम हो कि 12 घंटे के दौरान एक ही स्थान पर हुए दो रेल हादसों से रेलवे में खलबली मच गई। ट्रेनों के बेपटरी होने से कई ट्रेनों के रूट डायवर्ट कर दिए गए। डीआरएम आलोक सिंह समेत रेलवे के कई अफसर मौके पर पहुंच गए। डीआरएम ने सीनियर सेक्शन इंजीनियर छोटे लाल को दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और हादसों की उच्च स्तरीय जांच कराने की बात कही है। हादसे से ट्रैक में आई खामी को दुरुस्त किया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक कचेहरी हाल्ट थामसनगंज यार्ड के पास सोमवार राताया बुढ़वल से सीतापुर बालामऊ जा रही पैसेंजर ट्रेन संख्या 54322 के इंजन का अगला हिस्सा रेलवे ट्रैक से उतर कर डिरेल हो गया था। रोजा से एआरटी मंगाकर इंजन को पटरी पर लाया गया था। सूचना पर सभी रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे और काफी घंटों बाद इंजन को दुबारा पटरी पर लाये जाने का प्रयास किया जाता रहा। वहीं मंगलवार सुबह सीतापुर में एक मालगाड़ी का इंजन पटरी से उतर गया। हालांकि इससे कोई बड़े नुकसान होने की जानकारी नहीं है। गौरतलब है कि इसी स्थान पर सोमवार रात को भी बालामऊ बुढ़वल ट्रेन का इंजन पटरी से उतर गया था। यह हादसा सीतापुर मालगोदाम के पास हुआ, जिसके बाद सभी रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंच गए। घटना के बाद इसी ट्रैक से जनसाधारण व रक्सौल एक्सप्रेस ट्रेनें गुजर गईं। वहीं, सुबह गोंडा से रोजा जा रही मालगाड़ी थामसनगंज यार्ड के पास पहुंचीए वैसे ही बीच में लगा नॉन वर्किंग इंजन भी डिरेल हो गया।

सितंबर में यूपी में पांचवीं ट्रेन पटरी से उतरी
यूपी में एक महीने में ये 5वां रेल हादसा है। इससे पहले उत्तर प्रदेश में 19 अगस्त को मुजफ्फरनगर के खतौली के पास बड़ा रेल हादसा हुआ था। इसके बाद 23 अगस्त को दूसरा हादसा औरैया के पास हुआ था। वहीं तीसरा हादसा 7 सितंबर को हुआ था, सोनभद्र जिले में हुआ थ। ऐसे में इस तरह की घटनाओं को रेलवे की बड़ी लापरवाही कही जा सकती है।