
लवलीना बोरगोहेन (फोटो- Team India X)
India's Medal at CWG 2026: शुक्रवार को स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23वें राष्ट्रमंडल खेलों का उद्धघाटन हुआ, जहां लवलीना बोरगोहेन और मीराबाई चानू ने देश का प्रतिनिधित्व किया। इन खेलों में भारत ने 125 सदस्यों का दल भेजा है, जो 8 अलग अलग खेल और स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगे। इस दौरान खेलों के शुरू होने से पहले ही भारत का पहला पदक कन्फर्म हो गया है। ओलंपिक मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में बिना कोई मुकाबला खेले ही कम से कम कांस्य पदक कंफर्म कर लिया है।
बोरगोहेन को वूमेंस 75 किग्रा भारवर्ग के सेमीफाइनल में सीधे प्रवेश मिला है। किसी भी मल्टीस्पोर्ट्स इवेंट में जब बॉक्सिंग होती है तो सेमीफाइनल में पहुंचने वाले चारों मुक्केबाजों का कम से कम कांस्य पदक पक्का हो जाता है। सेमीफाइनल जीतने वाले बॉक्सर फाइनल में पहुंच जाते हैं और हारने वाले दोनों बॉक्सर्स को ब्रॉन्ज मेडल दिया जाता है। लवलीना बोरगोहेन को क्वार्टरफाइनल मुकाबले में बाई मिली है, जिसकी वजह से वह रिंग में बिना उतरे ही सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं और यही वजह है कि उनका मेडल कंफर्म हो गया है।
टोक्यो ओलंपिक 2020 की कांस्य पदक विजेता और पूर्व वर्ल्ड चैंपियन लवलीना बोरगोहेन अब 31 जुलाई को सेमीफाइनल में तारोना ताफाकी से भिड़ेंगी। इस मुकाबले को जीतने वाली बॉक्सर फाइनल में पहुंच जाएगी और हारने वाली को कांस्य मिल जाएगा। ओलंपिक में पदक जीतने वाली इस 28 साल की लवलीना का यह पहला कॉमनवेल्थ गेम्स पदक होगा। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में आयोजित 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में लवलीना बोरगोहेन क्वार्टरफाइनल में हारकर बाहर हो गई थीं। समाप्त हो गया था, जहां उन्हें बाद में स्वर्ण पदक जीतने वाली सैंडी रयान से हार का सामना करना पड़ा था।
इंग्लैंड के बर्मिंघम में आयोजित 2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स में वह पहले राउंड में ही हार गई थीं। इन दोनों खेलों में उन्होंने 69 किग्रा भारवर्ग में हिस्सा लिया था। इस पदक के कन्फर्म होने के बाद वह कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और ओलंपिक में मेडल हासिल करने वाली बोरगोहेन भारत की चुनिंदा मुक्केबाजों में अपना नाम दर्ज कर लिया लिया है।
Updated on:
24 Jul 2026 11:52 am
Published on:
24 Jul 2026 11:52 am
