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अब महिला एथलीट्स को जीवन में एक बार करना होगा जेंडर टेस्ट, वर्ल्ड एथलेटिक्स काउंसिल ने किया लागू

World Athletics: महिला एथलीट्स बगैर SRY जीन टेस्ट पास किए 13 अगस्त से टोक्यो में होने वाले वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाग नहीं ले सकेंगी।

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China campaign to protect athletes

एथलेटिक चैंपियनशिप। (फाइल फोटो: IANS)

World Athletics: अब महिला एथलीट्स को जीवन में एक बार जेंडर टेस्ट यानी SRY जीन टेस्ट कराना होगा। जो भी महिला खिलाड़ी इस टेस्ट प्रक्रिया से नहीं गुजरेगी, वह वर्ल्ड रैंकिंग प्रतियोगिताओं में भाग नहीं ले सकेगी। बुधवार को वर्ल्ड एथलेटिक्स काउंसिल ने यह टेस्ट लागू किया है। दरअसल, बीते वर्षों में जेंडर चेंज कराके महिला बनकर प्रतियोगिता में उतरने वाली खिलाड़ियों को रोकने के लिए यह नियम बनाया गया है, जो 1 सितंबर 2025 से लागू होगा। ऐसे में महिला एथलीट्स बगैर SRY जीन टेस्ट पास किए 13 अगस्त से टोक्यो में होने वाले वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाग नहीं ले सकेंगी।

वर्ल्ड एथलेटिक्स की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, यह टेस्ट जीवन में एक बार करना होगा, इसे गाल के स्वाब या रक्त परीक्षण, जो भी अधिक सुविधाजनक होगा, के माध्यम से किया जाएगा। इस परीक्षण के जरिए खिलाड़ी के जेंडर की पहचान होगी।

नए नियमों और SRY परीक्षण पर टिप्पणी करते हुए विश्व एथलेटिक्स के अध्यक्ष सेबेस्टियन कोए ने कहा, "विश्व एथलेटिक्स में हम जिस दर्शन को प्रिय मानते हैं, वह महिलाओं के खेल की अखंडता की सुरक्षा और संवर्धन है। एक ऐसे खेल में यह वास्तव में महत्वपूर्ण है, जो स्थायी रूप से अधिक महिलाओं को आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है कि वे इस विश्वास के साथ खेल में प्रवेश करें कि कोई जैविक बाधा नहीं है। बायोलॉजिकल जेंडर की पुष्टि करने के लिए परीक्षण एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है।'' उन्होंने आगे कहा, "हम यह कह रहे हैं कि विशिष्ट स्तर पर महिला वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने के लिए आपको जैविक रूप से महिला होना होगा।''