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एडीएम प्रशासन ने लिए बयान

इन बयानों के बाद अपनी रिपोर्ट बनाकर सीधे संबंधित अदालत में पेश की जाएगी।
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श्री गंगानगर

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pawan uppal

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Updated: 29 Jan 2018, 8:41 AM IST

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श्रीगंगानगर.

पक्की गांव में शुक्रवार को हुए एनकाउण्टर में मानवाधिकार आयोग की ओर से तय की गाइड लाइन का पंजाब पुलिस की स्पेशल टीम ने पालना की थी या नहीं, इसकी अलग से जांच श्रीगंगानगर के अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन नखतदान बारहठ कर रहे है। एडीएम प्रशासन बारहठ ने राजकीय जिला चिकित्सालय में मृतक सविन्द्र सिंह के भाई, चाचा और भुआ से बयान लिए। इन बयानों के बाद अपनी रिपोर्ट बनाकर सीधे संबंधित अदालत में पेश की जाएगी।


सविंद्र के शरीर में तीन गोलियां लगी थीं, उसे उपचार के लिए अबोहर लेकर गए तो उसने बीच रास्ते में दम तोड़ दिया था। उसका शव यहां राजकीय जिला चिकित्सालय में शनिवार को लाया गया था। रविवार को उसका पोस्टमार्टम किया गया। मेडिकल ज्यूरिस्ट डॉ. एसएन बतरा ने बताया कि इस युवक के शरीर में तीन गोलियां फंसी हुई थीं। इन गोलियों को निकालने के लिए करीब तीन घंटे से अधिक का समय लगा। एक गोली उसकी रीढ़ की हड्डी में, दूसरी गोली बाएं हाथ और तीसरी गोली उसके जांघ में फंसी हुई थी।

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ऑपरेशन की तस्वीर साफ नहीं
मानवाधिकार आयोग के समक्ष जांच रिपोर्ट पेश करने के लिए जिला प्रशासन ने एडीएम प्रशासन बारहठ को जिम्मेदारी दी है। उनका कहना था कि पंजाब पुलिस ने मुठभेड़ वहां कितनी बजे की और कैसे पूरे ऑपरेशन का अंजाम दिया है, यह पूरी तस्वीर साफ नहीं हो पाई। मृतक सविन्द्र सिंह गैंगस्टर गौंडर का सहयोगी था या वहां स्पेशल टीम लेकर आई थी। इस सवाल पर एडीएम ने आशंका जताई है।

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लेकिन, पंजाब पुलिस का दावा है कि यह मृतक गौंडर के लिए शराब लाने, भोजन की व्यवस्था करने जैसे छोटे-मोटे काम करता था। परिजनों के मुताबिक पिछले पन्द्रह दिनों से सविन्द्र सिंह घर से गायब था। उसके मोबाइल से भी संपर्क किया गया था, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। हालांकि परिजनों ने पूरी बात बताने में अधिक दिलचस्पी नहीं दिखाई।

गांव से तस्दीक कराओ सविन्द्र सिंह कैसा था
आर्थिक स्थिति से जूझ रहे सविन्द्र सिंह अपना परिवार चलाने के लिए मजदूरी करता था। कब्बड्डी का खिलाड़ी होने के कारण आए दिन युवा उसके पास आते थे लेकिन वह अपराधिक गतिविधियों में नहीं था। अधिकारियों को यहां तक कह चुकी हो कि आप तो खुफिया जांच एजेसिंयों से पता करवा लो। गांव में सविन्द्र सिंह का व्यवहार कैसा था। उसे यहां लाकर मारा है या बुलाया गया, इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए।
वीरेन्द्र कौर, मृतक की भुआ।


अपराधी नहीं था फिर गैंग में आया कैसे
सविन्द्र सिंह पहले कई युवकों के साथ दो दिन घूमने के लिए चला जाता था। अब पिछले पन्द्रह दिनों से संपर्क नहीं हुआ तो उसकी तलाश भी की लेकिन सुराग नहीं मिला। यह उम्मीद थी कि घर पर वापस आ जाएगा लेकिन जैसे ही शनिवार को पंजाब पुलिस ने जब वाट्सअप से गांव के लोगों को फोटो भेजी तो सविन्द्र सिंह को पहचान लिया। यहां आकर ही पता चला कि गैंगस्टर्स के संपर्क में आया गया था, इस बात का विश्वास नहीं हो रहा है कि सविन्द्र सिंह ऐसे कैसे कर सकता था। अपराध का एक भी मामला दर्ज नहीं है। इस संबंध में जांच हो, यह बात एडीएम प्रशासन से की गई है।
कुलदीप सिंह, मृतक सविन्द्र सिंह का चाचा
जांच शुरू, जुटाया जा रहा गैंगस्टर्स का रिकॉर्ड
पंजाब पुलिस की ओर से हिंदुमलकोट थाना इलाके में 26 जनवरी की शाम को पक्की के समीप इकबाल सिंह की ढाणी में किए गए गैंगस्टरों के एनकाउंटर की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। इस मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र सिंह कर रहे हैं। एनकाउंटर में मारे गए तीनों व्यक्तियों का रिकॉर्ड जुटाया जा रहा है। वहीं, गैंगस्टर्स के तीसरे साथी के संबंध में भी श्रीगंगानगर व पंजाब पुलिस जांच कर रही है कि सविंद्र सिंह इनके साथ यहां कैसे आया और उसके खिलाफ भी कोई मामले है या नहीं। रविवार शाम को जांच अधिकारी व पुलिस मौके पर पहुंचे और जानकारी जुटाई।


जिले में पहले भी आ चुका है गौंडर
एनकाउंटर में मारा गया गैंगस्टर विक्की गौंडर पंजाब से फरारी के दौरान पहले भी यहां अनूपगढ़ के समीप एक गांव में आ चुका है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पहले गौंडर की यहां आने की जानकारी मिली थी। इसके बाद वह बीकानेर चला गया। जहां बीकानेर पुलिस को उसकी जानकारी मिली और पुलिस उसकी घेराबंदी कर रही थी। लेकिन वह फरार हो गया। इसके बाद उसके जोधपुर जाने की जानकारी मिली थी।