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वाई-फाई के लिए स्वीकृति का इंतजार

भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) मंडी में आकर मौका मुआयना भी कर चुका है।
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श्री गंगानगर

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pawan uppal

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Updated: 24 Jan 2018, 8:33 AM IST

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श्रीगंगानगर.

जिला मुख्यालय की नई धान मंडी को वाई-फाई करने के लिए स्वीकृति का इंतजार है। राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) संबंधी कार्य के लिए यह महत्वपूर्ण काम किया जाना है। कृषि उपज मंडी समिति (अनाज) अपने निदेशालय को मंडी परिसर को वाई-फाई करने के लिए बजट प्रस्ताव भेज चुकी है। भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) मंडी में आकर मौका मुआयना भी कर चुका है। जिले की पदमपुर मंडी समिति ई-नाम के चलते अपनी मंडी को लगभग एक साल पहले ही वाई-फाई कर चुकी है लेकिन श्रीगंगानगर की स्वीकृति के लिए गई फाइल मंथर गति से चल रही है।

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बीएसएनएल ने वाई-फाई के लिए अलग से लीज लाइन डालने की मंजूरी अपनी तरफ से दे चुका है। उसने कहा है कि वह आदेश मिलने के लिए 30 दिन के भीतर काम पूरा कर देगा। सूत्रों के अनुसार जयपुर से बजट स्वीकृत होने के बाद ई-नाम में पंजीकृत प्रत्येक फर्म से दो मोबाइल नम्बर लिए जाएंगे। इन नम्बरों को वाई-फाई से जोड़ दिया जाएगा। इस फर्म की ई-नाम में लोगिंग आईडी जनरेट होनी भी आवश्यक होगी। यही स्थिति पंजीकृत किसानों के मामले में रखने पर विचार किया जा रहा है।


उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ई-नाम को लेकर काफी गम्भीर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दुगनी करने की बात कही है और इसके लिए सात सूत्र दिए हैं। इनमें से एक सूत्र ई-नाम का है। सरकार की कोशिश है कि बिचौलिये की भूमिका को न्यूनतम किया जाए और किसानों को उनकी उपज का अधिकाधिक मूल्य दिलवाया जाए। मिशन मोदी के चलते राज्य में भी ई-नाम का दायरा बढ़ाया जा रहा है। अभी 25 मंडियां ई-नाम से जुड़ी हैं, जिले की जैतसर, श्रीबिजयनगर, श्रीकरणपुर एवं रायसिंहनगर सहित कई अन्य मंडियों में भी ई-नाम शीघ्र शुरू करने की योजना है।

यह है ई-नाम
ई-नाम राष्ट्रीय स्तर का इलेक्ट्रोनिक ऑनलाइन व्यापार का वेब पोर्टल है। इसके माध्यम से देश में ई-नाम की किसी भी मंडी से माल खरीदा या बेचा जा सकता है। इसमें फसल का भुगतान सीधे किसान के खाते में आता है। सरकार का मानना है कि इससे नीलामी में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और किसान को उनकी उपज का वाजिब दाम मिल पाएगा साथ ही सारे काम में पारदर्शिता रहेगी।