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चुपके से बदला सफाइकर्मियों का कैडर

नगर परिषद के अधिकारियों ने गुपचुप तरीके से अपने चेहते कार्मिकों को प्रमोशन दे दिया। यहां तक कि दो साल पहले जिस सफाई
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श्री गंगानगर

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pawan uppal

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Updated: 25 Sep 2017, 7:01 AM IST

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चुपके से बदला सफाइकर्मियों का कैडर

श्रीगंगानगर.

नगर परिषद के अधिकारियों ने गुपचुप तरीके से अपने चेहते कार्मिकों को प्रमोशन दे दिया। यहां तक कि दो साल पहले जिस सफाई कार्मिक को नौकरी मिली उसे फील्ड के बजाय दफ्तर में बाबू का काम दे दिया और उसका कैडर बदलकर सहायक कर्मचारी बना दिया। ऐसे 11 नगर परिषद कार्मिकों को ऊंचे ओहदों पर लगाने में देर नहीं की। इसकी शिकायत स्वायत्त शासन विभाग जयपुर तक हुई।

डीएलबी अधिकारियों ने जब नियम-कायदे खंगाले तो कैडर बदलने और प्रमोशन करने के खेल का खुलासा हो गया। डीएलबी के उपनिदेशक प्रशासन डॉ. वीरेन्द्र मीणा ने ऐसे ग्यारह कार्मिकों के कैडर बदलने और प्रमोशन देने के संबंध में जारी किए गए आदेश पर तत्काल रोक लगा दी।


डयूटी थी सफाई की, बना दिए सहायककर्मी
पिछले नगर परिषद बोर्ड के तत्कालीन सभापति जगदीश जांदू ने 328 सफाई कर्मियों की नियुक्तियां की थी, इसमें 318 सफाई कर्मियों को पिछले साल प्रोबेशन पीरियड से स्थायी किया गया। इनमें महिला सफाई कर्मी लालीदेवी, सफाई कर्मी धनराज, सफाई कर्मी हरभान और नारायण को वार्ड में सफाई करने की जिम्मेदारी थी लेकिन नगर परिषद कार्यालय में एलडीसी के तौर पर डयूटी कराई गई। जैसे ही इनका परिवीक्षाकाल पूरा हुआ तो सहायक कर्मचारी के रूप में कैडर बदल दिया।


यह सही है कि बोर्ड की बैठक में गुपचुप तरीके से एजेंडे में ऐसे कार्मिकों के नाम शामिल कर दिए जो पात्रता नहीं रखते थे। इन कार्मिकों के कैडर बदलने और प्रमोशन के संबंध में डीएलबी से मार्गदर्शन मांगा तो प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया। अब यह सुनने में आ रहा है कि इसे हाईकोर्ट में चुनौती देकर फायदा उठाने का प्रयास किया जा रहा है।
सुनीता चौधरी, आयुक्त नगर परिषद श्रीगंगानगर।


फायरमैन को बना दिया राजस्व निरीक्षक
वहीं, फायरमैनों को टिण्डल या फायर ऑफिसर के बजाय नगर परिषद में ही राजस्व से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर कैडर बदलकर प्रमोशन कर दिया गया। फायरमैन राजेन्द चौहान को कनिष्ठ लिपिक, देवीलाल फायरमैन को सहायक राजस्व निरीक्षक, चौथमल चौपड़ा फायरमैन को सहायक राजस्व निरीक्षक बना दिया गया। वहीं, देवेन्द्र प्रताप सिंह को कनिष्ठ लिपिक से सफाई निरीक्षक बना दिया गया।


यूं बदला कैडर और दिया प्रमोशन
नगर परिषद में कुछ जनप्रतिनिधि सक्रिय हैं जिन्होंने अपने चहेते कार्मिको को अनुचित तरीके से कैडर बदलकर प्रमोशन देने का रास्ता बना दिया। परिषद बोर्ड के एजेंडे में यह बिन्दू भी शामिल कर दिया कि पात्र कर्मियों का प्रमोशन किया जाए। ऐसे में पहले तय सूची में उन कार्मिकों को शामिल कर दिया। बोर्ड बैठक की मिनट्स बाद में बनती है, तब इन कार्मिकों के नाम अंकित किए गए। जब डीएलबी के समक्ष अनुशंसा के लिए भिजवाया गया तो रोक लग गई।


35 साल से एक ही पद पर अटके
इधर, नगर परिषद में ऐसे कार्मिक भी है जो पिछले करीब 35 साल से कनिष्ठ लिपिक पद पर काम कर रहे हंै। ऐसे लिपिको को वरिष्ठ लिपिक तक नहीं बनाया गया। हालांकि, कार्मिक विभाग का नियम है कि पांच साल बाद पदोन्नति के लिए स्थानीय निकाय विभाग बीकानेर से अनुमति लेनी होती है।

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