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श्रीगंगानगर.
अपनी बेटी से कम उम्र की आठवीं कक्षा की छात्रा को अगवा कर आठ महीने तक यौन शोषण करने के जुर्म में एक आरोपित को अदालत ने दोषी माना और उसे पन्द्रह साल कठोर कारावास व एक लाख रुपए जुर्माने से दंडित किया है। पीडि़ता यौनशोषण से गर्भवती हो गई लेकिन उसका गर्भपात कराने से चिकित्सकों ने इनकार किया तो वह महज सौलह साल की आयु में एक बेटे की मां बन चुकी है। पीडि़ता को जुर्माना राशि में से नब्बे हजार रुपए प्रतिकर के रूप में चुकाने के आदेश किए गए हैं। यह फैसला मंगलवार शाम पोस्को एक्ट मामलों की स्पेशल कोर्ट और एससी कोर्ट के स्पेशल जज महेश पुनेठा ने सुनाया। फैसले के बाद दोषी को जेल भेज दिया गया।
विशिष्ट लोक अभियोजक बनवारीलाल कड़ेला और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता ललित गौड़ ने बताया कि श्रीगंगानगर के ब्लॉक एरिया में रहने वाली आठवीं कक्षा की छात्रा को उसके चाचा का रिश्तेदार झुंझनूं निवासी पूर्णमल 16 जनवरी 2013 को अगवा कर ले गया।छात्रा के पिता ने महिला पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया।
बरामदगी नहीं होने पर छात्रा के पिता ने हाईकोर्ट जोधपुर में 31 मई 2013 को रिट लगाई। हाईकोर्ट की फटकार के बाद आरोपित को पकडऩ़े के लिए पुलिस ने एक लाख रुपए ईनाम घोषित किया लेकिन सुराग नहीं मिल पाया।इस पर एसपी संतोष चालके ने तत्कालीन सीओ ग्रामीण विनीत कुमार की अगुवाई में टीम गठित कर महाराष्ट्र भेजी। वहां अहमदनगर के शेव गांव में दोनों मिले। पीडि़ता को हाईकोर्ट में पेश कर बयान लिए गए। बयानों में पीडि़ता ने पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की। पीडि़ता तब 28 सप्ताह की गर्भवती थी। फिलहाल वह इस घटना से एक बेटे की मां भी बन चुकी है।
अदालत ने रहम से किया इनकार
बचाव पक्ष के वकील ने अदालत से रहम की गुहार की लेकिन अदालत ने इनकार कर दिया। अदालत ने पूर्णमल को दोषी मानते हुए आईपीसी की धारा 376 में पन्द्रह साल कठोर कारावास व दस हजार रुपए जुर्माना, धारा 363 और धारा 366 में पांच-पांच साल कठोर कारावास व दस -दस हजार रुपए जुर्माना, धारा 344 में एक वर्ष कठोर कारावास व दस हजार रुपए जुर्माना, पोस्को एक्ट की धारा 3 में सात वर्ष कठोर कारावास व दस हजार रुपए जुर्माना, पोस्को एक्ट की धारा 5 के विभिन्न सपठित धाराओं में पन्द्रह पन्द्रह साल कठोर कारावास व दस-दस हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना राशि जमा होने पर नब्बे हजार रुपए पीडि़ता को प्रतिकर के रूप में चुकाने के आदेश भी जारी किए।
Published on:
3 Oct 2017, 8:00 PM IST
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