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श्रीगंगानगर.
अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ ने सोमवार को गांधी जयंती से गैर चिकित्सकीय कार्य का बहिष्कार कर दिया। इससे ग्रामीण इलाके में चिकित्सकों के माध्यम से होने वाले कई लिपकीय प्रवृत्ति के कार्य प्रभावित हुए।राजकीय जिला चिकित्सालय में कार्यरत चिकित्सकों ने बताया कि राज्य सरकार उनकी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दे रही है, ऐसे में चिकित्सकीय कार्य के बहिष्कार से रोगियों को होने वाली पीड़ा को ध्यान में रखते हुए चिकित्सकों ने गैर चिकित्सकीय कार्य के बहिष्कार का निर्णय किया और सोमवार से इसकी शुरुआत कर दी। इसमें ग्रामीण इलाके में लगने वाले चिकित्सा शिविरों का बहिष्कार, जननी सुरक्षा योजना में होने वाले लिपिकीय प्रवृत्ति के कार्य आदि नहीं करने का निर्णय किया गया है। ।
इसके अलावा वीडियो कांफ्रेंसिंग में भी चिकित्सक शामिल नहीं होंगें हालांकि इससे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को मुक्त रखा गया है। इसके साथ ही राज्य, जिला और खंड स्तरीय बैठकों में भी शिक्षकों ने शामिल नहीं होने का निर्णय किया है। इसके अलावा प्रशिक्षणों में भी चिकित्सक शामिल नहीं होंगे। जिले के सभी सीएचसी और पीएचसी से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय को चिकित्सक के हस्ताक्षर से भेजी जाने वाली रिपोर्ट भी चिकित्सक नहीं भिजवाएंगे। ।
करेंगे असहयोग
संघ के जिलाध्यक्ष डॉ.पवन सैनी ने बताया कि चिकित्सकों की विभिन्न मांगों पर राज्य सरकार स्तर पर सहमति भी बनी लेकिन इनका सही तरीके से क्रियान्वयन अब तक नहीं किया गया है। ऐसे में चिकित्सकों ने असयोग आंदोलन चलाने का निर्णय किया है। चिकित्सक इस दौरान गैर चिकित्सकीय कार्य नहीं करेंगे। हालांकि इस दौरान रोगियों को पीड़ा नहीं होने दी जाएगी। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर सोलह अक्टूबर को प्रदेश के सेवारत चिकित्सक चिकित्सालय के मुख्यद्वार पर धरना देंगे।
Published on:
02 Oct 2017 09:18 pm
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