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दिल्ली के डिप्टी सीएम ने राजस्थान में विपक्ष पर साधा निशाना, कहा- पिछली सरकारों ने रोहिंग्या के जारी किए आधार कार्ड

प्रवेश वर्मा ने आरोप लगाया कि 'आप' पार्टी की पूर्व सरकार ने न केवल इन लोगों को शरण दी, बल्कि उन्हें कानूनी दस्तावेज उपलब्ध कराए। नतीजतन, जब प्रशासन इन्हें बाहर भेजने की कार्रवाई करता है, तो ये लोग अदालत का दरवाजा खटखटा देते हैं।

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Delhi Deputy CM Pravesh Verma

प्रेस वार्ता करते दिल्ली के डिप्टी सीएम प्रवेश वर्मा (फोटो-पत्रिका)

सूरतगढ़। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री प्रवेश वर्मा रविवार को सूरतगढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने एक कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने आर्थिक नीतियों से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा तक कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।

वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू किए गए जीएसटी सुधारों ने भारतीय बाजार को मजबूती दी है। उन्होंने साफ किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ का फिलहाल भारतीय व्यापार और विशेष रूप से दिल्ली व आसपास के राज्यों की अर्थव्यवस्था पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा है।

भारत आज दुनिया के सामने मजबूती से खड़ा

वर्मा के अनुसार, यह सरकार का दूरदर्शी विजन और ठोस आर्थिक नीतियां हैं, जिनके चलते भारत आज वैश्विक स्तर पर मजबूती से खड़ा है। उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आलोचना करना उनकी आदत है, लेकिन सरकार केवल राजनीतिक बयानबाजी से प्रभावित होकर अपने फैसलों पर पुनर्विचार नहीं कर सकती।

पिछली सरकारों ने रोहिंग्याओं का जारी किया आधार कार्ड-वर्मा

प्रवेश वर्मा ने 'रोहिंग्या और अवैध बांग्लादेशी नागरिकों' के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि दिल्ली आज भी इस गंभीर समस्या से जूझ रही है। रोजाना हजारों की संख्या में अवैध रूप से रह रहे लोगों को पहचान कर डिपोर्ट किया जा रहा है। हालांकि, इस प्रक्रिया में समय इसलिए लग रहा है क्योंकि इनमें से कई लोगों को आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्र पिछली सरकार के समय जारी कर दिए गए थे।

बांग्लादेशियों को बाहर भेजने का विरोध करता है विपक्ष

डिप्टी सीएम ने आरोप लगाया कि आप पार्टी की पूर्व सरकार ने न केवल इन लोगों को शरण दी, बल्कि उन्हें कानूनी दस्तावेज उपलब्ध कराए। नतीजतन, जब प्रशासन इन्हें बाहर भेजने की कार्रवाई करता है, तो ये लोग अदालत का दरवाजा खटखटा देते हैं। वर्मा ने बताया कि दिल्ली सरकार अदालत में इनके खिलाफ लगातार कानूनी लड़ाई लड़ रही है, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया लंबी होने के कारण डिपोर्टेशन में देरी हो रही है।

वर्मा ने भरोसा जताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस समस्या का स्थायी समाधान निकालेंगे और देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।


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