
सूरतगढ़. बाजार में एक दुकान पर दाल की खरीदारी करते हुए।
सूरतगढ(श्रीगंगानगर). भारत पाकिस्तान सीमा पर चल रहा तनाव सीजफायर होने के बावजूद बरकरार है। अभी भी पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। वही, बाजार में दालों के साथ साथ तेल के भाव भी बढ़ रहे हैं। गत दिनों सीमा पार से हुए ड्रोन हमलों के मद्देनजर बाजार में सबसे ज्यादा लोगों की भीड़ राशन की दुकानों पर रही। लोगों ने राशन की खूब खरीददारी की। व्यापारियों की माने तो सीमा पर तनाव की वजह से दालों सहित अन्य वस्तुओं के भाव बढ़े है, जैसे जैसे स्थिति सामान्य होगी तो भाव भी स्थिर हो जाएंगे। पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत पाकिस्तान सीमा पर तनावपूर्ण माहौल हो गए थे। इसके बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान सीमा पार हवाई हमला व ड्रोन से हमले किए। हालांकि पाकिस्तान की ओर से भेजे जा रहे ड्रोन हमलों को भारतीय सेना विफल कर रही है। पाकिस्तान की ओर से सीजफायर का उलंघन करने पर अभी भी तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। तनाव की वजह से बाजार में दाल, ड्राई फूू्रट, खाद्य तेल सहित अन्य कई वस्तुएं महंगी हो गई है।
व्यापारियों की माने से पहलगाम हमले के बाद बदली परिस्थिति की वजह से पहले मूंग मोगर के भाव 108 रुपए व वर्तमान में 110 रुपए, मूंग की हरी दाल 98 से बढकऱ 100 रुपए, चना दाल 78 रुपए से बढकऱ 80 रुपए,मसूर दाल 85 रुपए से बढकऱ 90 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिक रही है। इसी तरह सरसों तेल के भाव में भी लगातार उछाल हो रहा है। सरसों का तेल 135 रुपए था, जो अब 142 रुपए तक पहुंच गया। वही,ड्राई फ्रूट के दामों में भी बढ़ोतरी हुई है। अंजीरी 1200 रुपए से बढकऱ 1300 रुपए, किसमीस 280 रुपए से 330 रुपए, पिस्ता 1150 रुपए से 1200 रुपए तक पहुंच गए। वही, गर्मियों के मौसम में सबसे गुणकारी गुदकतीरा 350 रुपए से बढकऱ 450 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है।
गृहणी वनीता भूतना,नीलू देवी, शिल्पा चावला, लीना आदि का कहना है कि घरों में सबसे ज्यादा दालों का इस्तेमाल होता है। लेकिन इनके भाव बढऩे की वजह से परेशानी हो रही है। रसोई में दाल की बजाए अब मजबूरन सब्जियां बनाई जा रही है। उन्होंने राज्य सरकार से दालों के भाव पर अंकुश लगाने की मांग की ताकि आमजन को राहत मिल सके।
वर्तमान में ताजा स्थिति की वजह से दालों के भाव में दो से तीन रुपए महंगी हुई है। इस वजह से दाल की बिक्री पर भी असर पड़ा है। भारत पाक सीमा क्षेत्र में तनाव कम होने पर दालों के भाव भी स्थिर
हो जाएंगे। --किशोर गाबा, अध्यक्ष, किरयाना खुदरा विक्रेता संघ, सूरतगढ़
Updated on:
13 May 2025, 2:06 AM IST
Published on:
13 May 2025, 2:06 AM IST
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