
भारी बारिश के दौरान सड़क पर भरा पानी (फोटो-पत्रिका)
Heavy Rains: श्रीगंगानगर। जिले के कई इलाकों में झमाझम बारिश के साथ गुरुवार को मानसून ने दस्तक दी। सूरतगढ़ में सबसे ज्यादा 130 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा सादुलशहर में 48 और रावला में 30 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। मानसून की पहली बरसात ने ही सड़क और खेतों को लबालब कर दिया। अंडरब्रिजों में 3 फीट तक पानी भर गया, वहीं खेत भी पानी से डूबते नजर आए।
सूरतगढ शहर में गुरुवार को हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया। तीन घंटे तक हुई भारी वर्षा के दो दौर ने शहर को पानी-पानी कर दिया। कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को सूरतगढ़ में 130 मिमी बरसात हुई है। अलसुबह तीन बजे से साढ़े चार बजे तक और फिर दोपहर 12 बजे से डेढ़ बजे तक आसमान से पानी ऐसे बरसा कि मुख्य मार्ग, गलियां, अंडरब्रिज और बाजार जलमग्न हो गए।
बारिश से इंदिरा सर्कल पूरी तरह जल समाधि लिए नजर आया और यहां वाहन आधे पानी में डूबे नजर आए। यहां सर्कल के जर्जर हिस्से में बने गड्ढ़े पानी में छिप गए, जिससे वाहन चालक और कई दुपहिया वाहन इनका शिकार होते नजर आए। बरसात से बचने के लिए वाहन चालकों और लोगों ने फ्लाईओवर के नीचे शरण ली, जहां पानी भर गया। वहीं शहर के मुख्य प्रताप चौक और पुराने बस स्टैंड मार्ग पर करीब डेढ़ से दो फीट तक पानी भर गया।
भारी बारिश के चलते राठी स्कूल भी जलमग्न हो गया। स्कूल परिसर में कक्षाओं में भी काफी पानी भर गया। वहीं मुख्य बाजार में कई दुकानों में पानी भर गया और शहर के निचले वार्डों में भी घरों में पानी घुसने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि राहत की बात यह रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
उत्तर पश्चिम रेलवे ने दो दिन पूर्व दावा किया था कि बारिश के दौरान जलभराव से निपटने के लिए संवेदनशील अंडरब्रिजों पर पंपसेट लगाए हैं और चौकीदार भी तैनात किए गए हैं। इसके लिए 18.32 करोड़ रुपए का खर्च बताया गया था। लेकिन गुरुवार को हुई बरसात ने रेलवे के दावों की पोल खोल दी और राठी स्कूल के पास स्थित सी-94 रेल अंडरब्रिज और एसडीएम कार्यालय के पीछे वाले अंडरब्रिज में करीब साढ़े तीन फीट तक पानी भर गया। जिससे आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। सुबह नगरपालिका ने पंपसेट लगाकर जलनिकासी की कोशिश की, लेकिन दोपहर की बारिश के बाद दोनों अंडरब्रिज फिर से जलमग्न हो गए।
6 डीडब्ल्यूएम क्षेत्र में गुरुवार तड़के चार बजे झमाझम बरसात शुरू हुई, जो कि सुबह तक जारी रही। इसके बाद दिन में भी मूसलाधार बरसात हुई। बरसात के बाद नरमा कपास की फसलों में पानी भर गया। वहीं अच्छी बरसात से बारानी खेतों में ग्वार की बिजाई उपयुक्त समय पर शुरू हो गई है। तेज बरसात से सड़कों में गहरे रेनकट हो गए। जिससे आवागमन बाधित हुआ व साथ ही दुर्घटना होने की आशंका बन गई।
सादुलशहर में भीषण गर्मी व लू के थपेड़ों से त्रस्त आमजन व प्रकृति ने गुरुवार को राहत की सांस ली। शहरी व ग्रामीण अंचल में जमकर मेघ बरसे व करीब 15-20 अंगुल तक बरसात होने के समाचार हैं। इस बरसात से फसलों को भी नया जीवनदान मिला है। गुरुवार अल सुबह करीब 4.30 बजे आसमानी बिजली की गडगड़ाहट व घनघोर घटाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई। इसके बाद करीब 6 बजे तेज बरसात का दौर शुरू हुआ, जो रूक-रूक कर करीब पांच घण्टे तक जारी रहा।
तेज बारिश के बाद खेतों में पानी भर गया और खरीफ सीजन की फसल कपास, मूंग, ग्वार व बाजरा के लिए यह बरसात वरदान साबित हुई है। क्षेत्र के प्रगतिशील किसान शिवप्रकाश सहारण ने बताया कि बरसात से खेतों की नमी बढ़ गई है, जिससे अब किसान खाली पड़े खेतों में मूंग, ग्वार व बाजरा जैसी फसलों की बीजान्त कर सकेंगे। साथ ही नहरी जल आपूर्ति व्यवस्था में भी सुधार की उम्मीद है। बीते तीन सप्ताहों से पड़ रही प्रचण्ड गर्मी ने आमजन, पशु-पक्षियों व फसलों को बुरी तरह प्रभावित कर दिया था।
Updated on:
27 Jun 2025 09:30 pm
Published on:
27 Jun 2025 08:48 pm
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